WTC Final: Ajinkya Rahane’s dismissal was disappointing, says VVS Laxman
अजिंक्य रहाणे (Twitter)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के तीसरे दिन टीम इंडिया के 217 रन पर ढेर होने के बाद भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निराशा जताई है। हालांकि लक्ष्मण के मुताबिक उप कप्तान अजिंक्य रहाणे का विकेट सबसे ज्यादा निराशाजनक था।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अपने कॉलम में लक्ष्मण ने लिखा, “रविवार को भारतीय टीम के सारे डर उभर कर सामने आए जब न्यूजीलैंड के क्लास और गहराई वाले गेंदबाजी अटैक के सामने साउथम्पटन में उनकी पारी बिखर गई। कीवी टीम ने गेंदबाजों के मददगार हालातों का फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाजों के अनुशासन का लगातार परीक्षण किया।”

पूर्व दिग्गज ने लिखा, “भारत के नजरिए से, हमारे बल्लेबाजों के पास कीवी गेंदबाजों के सवालों के सही जवाब नहीं थे। इसी वजह से 300 रन को लक्ष्य बनाने के बावजूद भारत 217 रन पर ढेर हो गया। उस लक्ष्य को बोर्ड पर लगाने की भारत की उम्मीदें विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कंधों पर टिकी थी। हालांकि विराट 44 रन बनाकर जेमीसन के शानदार सेटअप का शिकार बने।”

खराब शॉट खेलकर आउट हुए अजिंक्‍य रहाणे तो भड़क गए गावस्‍कर

युवा कीवी पेसर जेमीसन के बारे में उन्होंने लिखा, “उनके जितने लंबे गेंदबाज के लिए वो (फुल) लेंथ डालना जो कि उन्होंने डाली कमाल था, इससे बल्लेबाजों के एलबीडब्ल्यू होने की संभावना बढ़ी। कुछ बैक ऑफ लेंथ गेंदों को कोहली के दूर ले जाने के बाद जेमीसन ने उसी एंगल से अंदर आती गेंद कराई और भारतीय कप्तान को विकेट के सामने बीट किया।”

कोहली के आउट होने के बाद स्कोर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उप कप्तान रहाणे की थी लेकिन वो भी 49 रन बनाकर नील वेगनर का शिकार बने। लक्ष्मण ने माना कि कोहली का विकेट जरूर जेमीसन के शानदार सेटअप का नतीजा था लेकिन रहाणे का डिसमिसल इस भारतीय बल्लेबाज की पुरानी कमी का परिणाम था।

उन्होंने लिखा, “सबसे निराशाजनक डिसमिसल रहामे का था। ये पहली बार नहीं है जब वो शॉर्ट गेंद पर शॉट खेलते हुए आउट हुए हैं, ये पिछले साल क्राइस्टचर्च में भी हुआ था। उन्हें या तो गेंद उस गेंद के रास्ते से हटना या फिर उसे डिफेंड करना सीखना होगा क्योंकि हर बार पुल शॉट खेलना एक खतरनाक विकल्प है।”

लक्ष्मण ने आगे लिखा, “फिर जब फील्डर को स्क्वायर लेग पर खड़ा किया गया होता तो वो आधा अधूरा शॉट खेलना है। हालांकि भारत का स्कोर भले ही उम्मीद से कम रह हो गया हो, वो पिछले दो साल से शानदार प्रदर्शन कर रहे अपने गेंदबाजों पर भरोसा कर सकते हैं।”