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शुभमन गिल के सपोर्ट में उतरे कोच, बोले- एक पारी से नहीं करेंगे फैसला

21 वर्षीय जायसवाल को भारत की एक पारी और 141 रनों से तीन दिनों में मैच समाप्त करने वाली जीत के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

Yashshvi Jaiswal-Shubman Gill-Team india

PIC Credit- BCCI

रोसेउ (डोमिनिका): भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ (Vikram Rathour) ने कहा कि विंडसर पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने जिस तरह से शानदार 171 रन बनाए उससे वह काफी प्रभावित हुए हैं. उनका मानना है कि युवा सलामी बल्लेबाज का टीम इंडिया के साथ खेल के तीनों प्रारूपों में शानदार भविष्य होगा.

21 वर्षीय जायसवाल को भारत की एक पारी और 141 रनों से तीन दिनों में मैच समाप्त करने वाली जीत के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. जयसवाल का 171 रन किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अपनी पहली टेस्ट पारी में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है. राठौड़ पहले टेस्ट में युवा यशस्वी जायसवाल के प्रदर्शन से बेहद प्रभावित दिखे. जायसवाल ने 171 रन की पारी खेलकर भारत की जीत की नींव रखी.

यशस्वी की काबिलियत से प्रभावित कोच

विक्रम राठौड़ ने कहा, ‘‘मैं पहले चयनकर्ता भी रह चुका हूं इसलिए जब भी आप किसी खिलाड़ी को चुनें तो आपको उसे इस इरादे से चुनना चाहिए कि वह अगले 10 वर्षों तक भारत के लिए खेलेगा. उसमें निश्चित रूप से क्षमता है.’’

राठौड़ ने कहा, ‘‘हालांकि मैंने यशस्वी के साथ पहले काम नहीं किया है. मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि मैंने उसे आईपीएल में रन बनाते हुए देखा था. आपने देखा होगा कि वह कितना गतिशील बल्लेबाज है. वह किस तरह का स्ट्रोक खेलने वाला खिलाड़ी है. लेकिन वह टीम की स्थिति के अनुसार खेल को बदलने में भी सफल रहा.’’

भारत के बल्लेबाजी कोच ने कहा, ‘‘दूसरे दिन उसने लंच से पहले 90 गेंदों पर लगभग 20 रन बनाए. मुझे लगता है कि मेरे लिए यह पारी का मुख्य आकर्षण था. कोई ऐसा व्यक्ति जो ऐसा करने में सक्षम है, जो अपने चरित्र, अपने सामान्य खेल के विपरीत खेल सकता है, उस चरण से निकलना और फिर रन बनाना, यह देखना शानदार था.’’

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद शुभमन गिल (Shubman Gill) पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. लेकिन राठौड़ ने कहा कि गिल को अपने नए बल्लेबाजी क्रम में खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.

गिल की मेहनत में कोई कमी नहीं

उन्होंने कहा, ‘‘उसमें बहुत क्षमता है और वह अन्य प्रारूपों में भी उस क्षमता तक पहुंचा है. उसने टेस्ट क्रिकेट में भी रन बनाए हैं. कभी-कभी किसी विशिष्ट प्रारूप में थोड़ा समय लग सकता है और वह समय ले रहा है. उसके पास वह समय है.’’

राठौड़ ने कहा, ‘‘वह समय ले रहा है लेकिन अच्छी बात यह है कि उसकी मेहनत में कोई कमी नहीं है. वह चीजों पर काम कर रहा है. क्षमता के साथ-साथ उसके पास धैर्य भी है जो किसी को बड़ा खिलाड़ी बनाता है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह लंबे समय तक तीनों प्रारूप में खेलेगा.’’

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