अंडर-19 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर बल्लेबाजी करने के लिए उन्होंने एस्टो-टर्फ ट्रैक पर अभ्यास किया और इसी से उन्हें मदद मिली।

टूर्नामेंट में खेले 6 मैचों में 400 रन बनाने वाले यशस्वी अंडर-19 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। पीटीआई से बातचीत ने जायसवाल ने कहा, “ज्वाला सर ने मुझसे कहा कि जाओ और प्लेयर ऑफ द सीरीज की ट्रॉफी जीत लो। हमने उछाल भरे ट्रैक्स पर अभ्यास किया। मैंने शॉर्ट लेंथ गेंदो को खेलने का अभ्यास किया और उसे मुझे मदद मिली।”

उन्होंने कहा, “मैं या तो शॉर्ट गेंद को छोड़ रहा था या खेल रहा था। एस्ट्रो-टर्फ विकेट में वैसे ही उछाल था जैसा यहां (दक्षिण अफ्रीका) में होता है। इसलिए मैंने एस्ट्रो-टर्फ पर बल्लेबाजी की और काम बन गया।”

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यशस्वी को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के तौर पर देखा जा रहा है। इस युवा बल्लेबाज ने कहा, “ये बेहद अच्छा अनुभव था, दूसरे देश में खेलना जहां कि विकेट अलग है। और मैंने यहां बल्लेबाजी करने का आनंद लिया क्योंकि मैं मैच और फिर नेट में भी लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सका। मैंने खेलते हुए बहुत कुछ सीखा। ज्यादातर मैच दबाव भरे हालात में खेले गए थे और ऐसे में मैंने दबाव झेलना भी सीखा।”

जायसवाल ने अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय अपनी साथी सलामी बल्लेबाज दिव्यांश सक्सेना को भी दिया। उन्होंने कहा, “जब भी मैं जल्दबाजी करता या फिर बड़ा शॉट खेलने जाता था तो हम एक दूसरे से बात करते थे। ऐसे समय में, दिव्यांश मुझसे कहता था कि ‘खेलते रहो, अभी मैच में काफी समय बाकी है, हम रन बना लेंगे’।”

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करियर की शुरुआत में टेंट में रहने और गुजारे के लिए पानी-पूरी बेचने वाले यशस्वी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले मौके के लिए टीम इंडिया की जूनियर चयनसमिति के प्रमुख आशीष कपूर को भी शुक्रिया कहा।

उन्होंने कहा, “सभी अंडर-19 चयनकर्ताओं ने मेरी मदद की। आशीष कपूर सर की वजह से मुझे सलामी बल्लेबाजी का मौका मिल पाया। मैं सभी चयनकर्ताओं और कोच का शुक्रिया करना चाहूंगा।”