बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी ने यो-यो टेस्ट को लेकर दिया बड़ा बयान

टीम इंडिया में यो-यो टेस्ट का चलन 2012 के बाद से शुरू हुआ।

Edited By : Gunjan Tripathi |Oct 09, 2017, 11:07 PM IST

Published On Oct 09, 2017, 11:07 PM IST

Last UpdatedOct 09, 2017, 11:07 PM IST

युवराज सिंह और सुरेश रैना © Getty Images (File Photo)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी ने हाल ही में यो-यो टेस्ट को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। जौहरी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि सभी फॉर्मेटों में टीम इंडिया में चयन के लिए यो-यो टेस्ट में पास होना बेहद जरूरी है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि केवल यो-यो टेस्ट ही चयन का आधार नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस ने जौहरी के हवाले से लिखा, “हां यो-यो टेस्ट टीम में चयन के लिए अनिवार्य है लेकिन ये चयन का अकेला आधार नहीं है। टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के साथ मिलकर धीरे धीरे चयन के दूसरे पैमाने बनाने की कोशिश कर रहा है।”

वैसे तो टीम इंडिया में यो-यो टेस्ट का चलन 2012 के बाद से ही शुरू हो गया था लेकिन पिछले एक साल में इस पर काफी बहस हो चुकी है। इस चर्चा की शुरुआत तब हुई जब युवराज सिंह और सुरेश रैना को कथित रूप से इस टेस्ट में फेल होने की वजह से टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था। जौहरी का इस बारे में कहना है कि, “कप्तान, कोच और मुख्य चयनकर्ता के साथ चयनसमिति के बाकी सदस्यों ने स्पोर्ट स्टाफ (ट्रेनर और फीजियो) के साथ मिलकर फिटनेस के जरूरी पैमाने तय किए हैं। टीम में चयन के लिए मैनेजमेंट द्वारा बनाए गए फिटनेस पैमानों पर खरा उतरना जरूरी है।” [ये भी पढ़ें: ‘यो-यो’ टेस्ट के नाम पर सेलेक्टर्स ने बोला झूठ? अमित मिश्रा का चौंकाने वाला खुलासा]

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जौहरी के बयान से साफ जाहिर है टीम इंडिया में वापसी करने के लिए रैना और युवराज दोनों को हर हाल में यो-यो टेस्ट पास करना ही पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज खत्म होने के बाद साउथ अफ्रीका दौरे पर जाने वाली टीम का ऐलान होगा, ऐसे में दोनों सीनियर खिलाड़ियों के पास टीम में जगह बनाने का एक और मौका है।

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