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नस्लीय दुर्व्यवहार मामले में ECB ने यार्कशर को अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से बैन किया
ईसीबी ने यार्कशर के खिलाड़ी गैरी बैलेंस के अपने पूर्व साथी रफीक के खिलाफ नस्लीय गाली के उपयोग की बात स्वीकार करने के एक दिन बाद ये फैसला किया।
Written by India.com Staff
Last Published on - November 5, 2021 2:52 PM IST

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने यार्कशर काउंटी को अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से प्रतिबंधित कर दिया है क्योंकि क्लब पूर्व खिलाड़ी अजीम रफीक के नस्लीय दुर्व्यवहार के आरोपों पर कार्रवाई करने में विफल रहा था। स्वतंत्र जांच में खिलाड़ी के ये आरोप सही साबित हुए थे जिससे ईसीबी ने क्लब के रवैये को ‘घिनौना’ भी करार दिया।
ईसीबी ने ये फैसला यार्कशर के खिलाड़ी गैरी बैलेंस के अपने पूर्व साथी रफीक के खिलाफ नस्लीय गाली के उपयोग की बात स्वीकार करने के एक दिन बाद किया।
ईसीबी ने अपनी बोर्ड बैठक के बाद एक बयान में कहा, ‘‘यार्कशर क्रिकेट काउंटी क्लब को तब तक अंतरराष्ट्रीय और बड़े मैचों की मेजबानी से निलंबित किया जाता है जब तक कि वह स्पष्ट रूप से नहीं दिखाता कि वो अंतरराष्ट्रीय स्थल, ईसीबी सदस्य और प्रथम श्रेणी काउंटी की उम्मीदों के अनुसार मानकों को पूरा कर सकता है।’’
क्लब के मैदान हेडिंग्ले को अगले साल जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक वनडे की मेजबानी करनी है। साथ ही नार्दर्न सुपरचार्जर्स के मेजबान के तौर पर ‘द हंड्रेड’ के नाकआउट मैचों की संभावित मेजबानी करनी है। इसके अलावा 2023 के एक एशेज टेस्ट की भी मेजबानी करनी थी। अब इन सभी मैचों पर संशय बन गया है।
ईसीबी ने कहा, ‘‘बोर्ड स्पष्ट तौर पर मानता है कि यार्कशर क्रिकेट काउंटी क्लब ने जिस तरह से अजीम रफीक द्वारा उठाये गये मुद्दों को निपटाया है, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इससे खेल की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ईसीबी इस मामले को ‘घिनौना’ समझता है जो खेल भावना और इसके मूल्यों के खिलाफ है।’’
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उसने कहा, ‘‘क्रिकेट में किसी भी तरह के भेदभाव और नस्लवाद की कोई जगह नहीं है और जहां भी अगर ऐसा पाया जाता है तो इसकी त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर क्रिकेट को प्रत्येक का खेल होने की अपनी प्रतिबद्धता दर्शानी है तो इस मामले को मजबूती से निपटाया जाना चाहिए।’’
ईसीबी ने साथ ही बैलेंस को अनिश्चित समय के लिए इंग्लैंड के चयन से प्रतिबंधित कर दिया जिन्होंने स्वीकार किया था उन्होंने कुछ आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था जिसका रफीक ने खुलासा किया था।
