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कोहली- रोहित के प्रदर्शन के बाद... पूर्व बैटिंग कोच का आया बड़ा बयान

पूर्व बैटिंग कोच ने कहा, जब वे लय में होते हैं तो आपको अंतर साफ नजर आता है, उनकी उपस्थिति मात्र से ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल जाता है.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - December 7, 2025 10:12 PM IST

Sanjay Bangar on Virat Kohli Rohit Sharma: साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने दमदार प्रदर्शन किया. 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने को लेकर जारी सस्पेंस के बीच दोनों दिग्गजों का बल्ला आग उगल रहा है. इस बीच भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का बड़ा बयान सामने आया है.

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का मानना ​​है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन को देखते हुए उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए और वनडे टीम में उनकी जगह को लेकर कभी भी बहस नहीं होनी चाहिए. दोनों बल्लेबाजों ने पिछले छह वनडे मैचों में तीन शतक (कोहली के दो) और पांच अर्धशतक (रोहित के तीन) लगाकर बतला दिया है कि उनका कोई जवाब नहीं है.

बांगड़ ने जिओस्टार से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए, उनके इतने वर्षों में टीम को दिए गए योगदान पर गौर करना चाहिए. कोहली और रोहित अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं, भारत पिछले कुछ समय से इस प्रारूप में बहुत कम मैच खेल रहा है और बांगड़ का मानना है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है.

‘उन्हें किसी युवा खिलाड़ी जितने मैच खेलने की जरूरत नहीं है’

उन्होंने कहा, ‘वे दो प्रारूपों से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए ज़ाहिर है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है लेकिन वे ऐसा कई बार कर चुके हैं, उन्हें किसी युवा खिलाड़ी जितने मैच खेलने की ज़रूरत नहीं है. बांगड़ ने कहा, एक बार वे जब अपनी लय हासिल कर लेते हैं और पूरी तरह फिट तथा रन बनाने के लिए भूखे हैं तो आप इस तरह के खिलाड़ियों को टीम में चाहते हैं, आपको उनके साथ अलग तरह से व्यवहार करना होगा और उन्हें अपना नैसर्गिक खेल खेलने की छूट देनी होगी.

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‘उनकी उपस्थिति मात्र से ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल जाता है’

उन्होंने कहा, जब वे लय में होते हैं तो आपको अंतर साफ नजर आता है, उनकी उपस्थिति मात्र से ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल जाता है. टेस्ट सीरीज में हार के बाद उन्होंने निश्चित तौर पर युवा खिलाड़ियों से बात की होगी, उन्होंने खिलाड़ियों को पुरानी बातों को पीछे छोड़कर स्वच्छंद होकर खेलने के लिए प्रेरित किया होगा जिससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा.