भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को अपने शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले धोनी को दबाव में संयम रखने की अपनी क्षमता के लिए कैप्टन कूल का नाम दिया गया है लेकिन क्रिकेट के मैदान पर ऐसे कई मौके आए हैं जब कैप्टन कूल ने अपना आपा खो दिया।

भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने ऐसे एक किस्से को याद किया। यादव ने मशहूर एंकर और कमेंटेटर जतिन सप्रू के साथ वीडियो इंटरव्यू के दौरान बताया कि दिसंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच के दौरान धोनी ने उनकी बात नहीं सुनने पर कुलदीप को मैदान पर डांटा था।

2017-18 सीजन में श्रीलंका के भारत दौरे पर इंदौर में खेले गए दूसरे टी20 मैच के दौरान कुसल परेरा (Kusal Perera) के खिलाफ कुलदीप को जमकर मार पड़ रही थी। श्रीलंकाई पारी के 13वें ओवर में परेरा ने कुलदीप की दूसरी गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट की तरफ चौका जड़ा। जिसके बाद धोनी ने कुलदीप ने धोनी को फील्डिंग में बदलाव के लिए कहा।

लेकिन कुलदीप ने धोनी की बात नहीं सुनी और अगली गेंद पर परेरा ने स्लॉग स्वीप लगाकर छह रन कमाए। गेंद से पहले धोनी विकेट से पीछे से ‘दूर-दूर’ चिल्ला रहे थे, दरअसल वो कुलदीप से फुल लेंथ गेंद ना कराने के लिए कह रहे थे लेकिन उनकी ये सलाह भी अनसुनी रही।

छक्का पड़ने के बाद धोनी कुलदीप के पास आए। कुलदीप ने बताया कि धोनी ने उनसे कहा ‘पागल हूं 300 वनडे खेला हूं, जो समझा रहा हूं यहां पर’। जिसके बाद कुलदीप घबरा गए।

हालांकि अपने अगले ओवर में कुलदीप ने एक-दो नहीं बल्कि तीन विकेट लिए, जिसमें कुसल परेरा का विकेट भी शामिल था। एक ओवर में तीन विकेट खोने के बाद श्रीलंकाई टीम कमजोर पड़ गई और 261 के लक्ष्य के जवाब में मेहमान टीम 172 रन पर ढेर हो गई।

मैच जीतने के बाद कुलदीप बस में धोनी के पास बैठे और उनसे पूछा कि ‘माही भाई आपको कभी गुस्सा आता है क्या?’ जवाब में धोनी ने कहा, ‘नहीं, मुझे 20 साल हो गए गुस्सा आए। अब मुझे अनुभव है तो मुझे लगता है कि मुझे बोलना चाहिए। और जब कोई सुनता नहीं तो मैं डांटता हूं, तुमने गुस्सा मेरा अभी देखा नहीं बेटा’।

कुलदीप ने बताया कि धोनी ने उनसे ये भी कहा कि जब वो रणजी मैच खेला करते थे तो उन्हें काफी गुस्सा आता था लेकिन उन्होंने इस पर नियंत्रण किया। पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम इंडिया के लिए खेलते हुए भी उन्हें कई मैचों के दौरान गुस्सा आया था लेकिन उन्होंने कभी जाहिर होने नहीं दिया।