भारत को साल 2007 में टी20 विश्‍श्‍व कप और 2011 में 50 ओवरों का विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले बाएं हाथ के बल्‍लेबाज युवराज सिंह ने संन्‍यास से वापसी का फैसला किया है. युवराज सिंह ने इस बाबत बीसीसीआई को पत्र भी लिख दिया है. युवी ने ऐसा आईपीएल या फिर भारतीय टीम में खेलने के लिए नहीं किया है बल्कि उनका यह निर्णय पूरी तरह से पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) के अनुरोध पर आधारित है.

विश्व कप 2011 के ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे युवराज ने पिछले साल जून में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की थी. पीसीए सचिव पुनीत बाली पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 38 साल के युवराज से पंजाब क्रिकेट के फायदे के लिये संन्यास से वापसी करने की पेशकश की थी.

‘क्रिकबज’ से युवराज ने कहा, ‘‘शुरू में मैं इस पेशकश को स्वीकार करने के बारे में निश्चित नहीं था. ‘मैं घरेलू क्रिकेट खेलना बंद कर चुका था, हालांकि मैं दुनियाभर में अन्य घरेलू फ्रेंचाइजी लीग में खेलना जारी रखना चाहता था, अगर मुझे बीसीसीआई से अनुमति मिल जाती. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं मिस्टर बाली के अनुरोध की अनदेखी नहीं कर सका. मैंने इस पर काफी सोच विचार किया, करीब से तीन से चार हफ्तों तक और यह लगभग ऐसा ही था कि अंत में मुझे सोचा समझा फैसला लेने की जरूरत नहीं थी. ’’

पंजाब की युवा चौकड़ी शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह और अनमोलप्रीत सिंह के साथ पिछले कुछ महीनों में नेट पर काम करते हुए युवराज को इस खेल के प्रति प्रेरणा और प्यार फिर महसूस हुए . बाली ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि युवराज ने इस संबंध में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को लिखा है. उन्होंने खुलासा किया, ‘‘मैं जानता हूं कि उसने संन्यास से वापसी करने के लिये बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को एक पत्र लिखा है. ’’

‘‘हम उसे टीम में चाहते हैं और वह जिस तरह से युवा लड़कों के मेंटर रहे हैं, वह शानदार है. मैंने उनसे कहा कि कृपया अपनी जिंदगी का कम से कम एक और साल पंजाब क्रिकेट को दे दो. ’’

बाली ने कहा, ‘‘पंजाब क्रिकेट को उसकी जरूरत है. बतौर खिलाड़ी और मेंटर उसमें अभी देने के लिये काफी कुछ है. मैं जानता हूं कि दो हफ्ते पहले उसने दादा को लिखा है. इसका जवाब भी अब तक आ गया होगा.’’