भारतीय स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का कहना कि महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और विराट कोहली (Virat Kohli) ने उन्हें पहले कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) जितना समर्थन नहीं दिया। युवराज ने साल की चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गांगुली की कप्तानी में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। युवराज ने गांगुली, कोहली और धोनी के अलावा गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की कप्तानी में भी खेला है।

स्पोर्ट्स्टार को दिए इंटरव्यू में युवराज ने कहा, “मैंने सौरव की कप्तानी में खेला है और मुझे काफी समर्थन मिला। फिर माही ने कमान संभाली। माही और सौरव में से किसी एक को चुनना मुश्किल है। मेरे पास सौरव के नेतृत्व में खेलने की काफी यादें हैं क्योंकि उन्होंने मुझे समर्थन दिया। मुझे माही और विराट से उस तरह का समर्थन नहीं मिला।”

भारतीय टीम को ‘अच्छे इंसान’ की जरूरत

युवराज का मानना है कि मौजूदा टीम इंडिया को ऐसे शख्स की जरूरत है जो कि खिलाड़ियों से मैदान से बाहर हो रही परेशानियों को लेकर बात कर सके ताकि मैदान पर उनके प्रदर्शन में सुधार हो।

साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करने वाले युवराज का कहना है कि कोहली की टीम को पैडी अपटन (Paddy Upton) जैसे किसी की जरूरत है जो कि खिलाड़ियों से उनकी जिंदगी और मैदान के बाहर आ रही मुश्किलों को लेकर बात कर सके। दरअसल अपटन विश्व कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन के कार्यकाल के दौरान टीम के स्ट्रैंड एंड कंडीशनिंग कोच थे।

युवराज ने कहा, “भारतीय टीम को उस अच्छे इंसान की जरूरत है जो कि मैदान से बाहर की चीजों पर बात कर सके। मैदान से बाहर आ रही परेशानियों मैदान पर हो रहे प्रदर्शन पर प्रभाव डालती हैं। उन्हें निजी मुद्दों को सुलझाने में राह दिखाने वाले मनोवैज्ञानिक की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “उन्हें बेहतर इंसान बनाए। हमारे पास पैडी अपटन थे जो कि जिंदगी, असफलता के डर जैसी चीजों पर बात करते थे और इससे मदद मिलती थी। टीम को उनके जैसे किसी की जरूरत है।”