आशीष नेहरा के रिटायरमेंट के बाद इमोशनल हुए युवराज सिंह© AFP
आशीष नेहरा के रिटायरमेंट के बाद इमोशनल हुए युवराज सिंह© AFP

आशीष नेहरा ने अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में अपने करियर का आखिरी मैच खेला। 18 साल 250 दिन तक टीम इंडिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले आशीष नेहरा ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम तो छुए ही लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने साथी खिलाड़ियों के बीच ऐसी छाप छोड़ी जिसका सभी सम्मान करते हैं। आशीष नेहरा मस्तमौला और कभी ना हार मानने वाले खिलाड़ी रहे और उनकी इसी खूबी को उनके करीबी दोस्त युवराज सिंह ने याद किया। नेहरा के रिटायरमेंट के बाद युवराज सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने नेहरा के बारे में कई बड़ी बातें कहीं।

1. सबसे ईमानदार हैं आशीष नेहरा- युवराज सिंह ने कहा, ‘आशीष नेहरा एक बेहद ही ईमानदार शख्स हैं। वो दिल के बहुत ही साफ हैं सिर्फ पवित्र ग्रंथ(गीता-कुरान आदि) ही उनसे ज्यादा ईमानदार होगी। मेरे लिए नेहरा जी एक ऐसे इनसान हैं जिसने कभी टीम को झुकने नहीं दिया।

2. नेहरा से मिला तो हंसी आई- मैं उनसे पहली बार अंडर 19 के दिनों में मिला था और वो टीम इंडिया में सेलेक्टर हो गए। वो हरभजन सिंह के साथ रहते थे। मैं भज्जी से मिलने गया और मैंने वहां देखा कि एक लंबा-पतला सा लड़का खड़ा है जो सीधा खड़ा नहीं हो पा रहा था। वो वहां बैठकर अजीब सा मुंह बना रहे थे जिससे मुझे हंसी आ रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे उनकी पैंट में किसी ने चीटियां डाल दी हैं। लेकिन जब वो टीम इंडिया के लिए खेले तब मुझे महसूस हुआ कि आशीष नेहरा ऐसे ही हैं जो कड़ी मेहनत करते हैं।

3. नेहरा का नाम था पोपट- युवराज सिंह ने खुलासा किया कि आशीष नेहरा का नाम पोपट था। ये नाम उन्हें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने दिया था। युवराज ने कहा, ‘गांगुली ने नेहरा को पोपट नाम दिया, क्योंकि वो बहुत बातें करता था। वो पानी के अंदर भी बातें कर सकते था। मेरे लिए उसका बोलना भी जरूरी नहीं था, क्योंकि उनकी चाल-ढाल ऐसी थी कि मुझे हंसी आ जाती थी। अगर आप आशीष नेहरा के साथ हो तो आपका दिन खराब नहीं जा सकता। आशीष नेहरा आपको हंसा-हंसा कर गिरा देगा।’

4. नेहरा से ली प्रेरणा- युवराज सिंह ने खुलासा किया कि वो आशीष नेहरा से प्रेरणा लेते हैं। ‘मैंने कभी नेहरा से कहा नहीं लेकिन मैं उनसे प्रेरणा लेता हूं। मैं सोचता हूं कि अगर ये 38 साल का होते हुए और इतनी चोट और सर्जरी के बावजूद इतनी तेज गेंद फेंकता है तो मैं क्यों नहीं 36 साल की उम्र में बल्लेबाजी कर सकता। सही मायने में इसीलिए मैंने अभी तक हार नहीं मानी है।’

5. नेहरा में कभी हार ना मानने का जज्बा- युवराज सिंह ने कहा, ‘आशीष नेहरा की कोहनी, कूल्हे, एड़ी, घुटने, उंगलियां, टखने समेत कुल 11 सर्जरी हुई हैं, लेकिन उनके अंदर हार नहीं मानने का जज्बा है। नेहरा के अंदर कड़ी मेहनत और अच्छा प्रदर्शन करने का जोश था। मुझे याद है साल 2003 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के मैच से पहले उनका टखना मुड़ गया था लेकिन वो फिर भी इंग्लैंड के खिलाफ खेले। उन्होंने 30-40 बार अपने टखने पर बर्फ से सिकाई की और पेन किलर खाए, जिसके बाद वो इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खेले और उन्होंने 6 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई। ‘

6. 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में नहीं खेल पाए नेहरा- 2011 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल मैच में नेहरा ने पाकिस्तान के खिलाफ जबर्दस्त गेंदबाजी की। दुर्भाग्यवश वो चोटिल हो गए और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल नहीं खेल पाए। ऐसा किसी और खिलाड़ी के साथ होता तो वो बहुत दुखी होता लेकिन नेहरा के साथ ऐसा नहीं था। वो हंसते रहते थे और हर खिलाड़ी की मदद करते थे। वो मुंबई में फाइनल मैच में हमारे साथ थे और खिलाड़ियों को ड्रिंक्स और तौलिए दे रहे थे साथ ही खिलाड़ियों को मशविरा भी दे रहे थे। मुझे एक सीनियर खिलाड़ी को ऐसा करते देख बहुत ही ज्यादा दुख हो रहा था।

करियर के आखिरी मैच में आशीष नेहरा ने ली 'हैट्रिक'
करियर के आखिरी मैच में आशीष नेहरा ने ली 'हैट्रिक'

7. नेहरा का बेटा भी गेंदबाज- युवराज ने कहा, ‘आशीष नेहरा का बहुत प्यारा परिवार है। उनके दो बच्चे हैं। बेटा आरुष और बेटी आरियाना। आरुष भी गेंदबाजी करता है लेकिन उसका एक्शन अपने पिता से अच्छा है।’

8. खुद को महान बल्लेबाज बताते हैं नेहरा- युवराज सिंह ने खुलासा किया कि आशीष नेहरा खुद को लीजेंड बल्लेबाज कहते हैं। युवराज ने कहा, ‘मुझे बड़ी हंसी आती है जब आशीष नेहरा अपनी बल्लेबाजी को महान बताते है। नेहरा ने कई बार कहा कि अगर वो बल्लेबाज होते तो 45 साल तक खेलते।’