रिस्ट स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) और कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) की जोड़ी सीमित ओवर फॉर्मेट में टीम इंडिया का प्रमुख हथियार बन चुकी है। वनडे-टी20 इन दोनों ही गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर मैच का रुख पलटने की कला में महारथ हासिल कर ली है। कुलदीप ने जहां अपनी काबिलियत के दम पर टेस्ट फॉर्मेट में भी जगह बना ली है, वहीं चहल अब भी अपनी सफेद जर्सी का इंतजार कर रहे हैं।

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के ‘वन आन वन’ शो में हरियाणा के इस गेंदबाज ने बताया कि वो भी कुलदीप की तरह टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं। चहल ने कहा, “अगर मुझे भारत के लिए एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका मिलता है या फिर अगर मैं टेस्ट टीम में भी चुना जाता हूं तो मुझे बहुत खुशी होगी। ये पूरी तरह से एक अलग अहसास होगा।”

कुलदीप के साथ जोड़ीदारी पर उन्होंने कहा, “हम दोनों कलाई के स्पिनर हैं और शुरुआती दिनों से ही एक साथ गेंदबाजी करते आ रहे हैं। जब हम एक साथ खेलते हैं तो बल्लेबाजों के पास निपटने के लिए अधिक विविधताएं होती है। अगर मैं कुछ अच्छे ओवर करता हूं तो इससे कुलदीप के छोर से भी कुछ अच्छा होगा। अगर आप एकमात्र स्पिनर के रूप में खेलते हैं तो आपकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। साथ ही कप्तान के लिए भी यह मुश्किल हो जाता है कि वो आपके 10 ओवरों का इस्तेमाल कैसे करें।”

चहल ने कहा, “जब दो स्पिनर खेलते हैं तो कप्तान के लिए भी 20 ओवरों की गेंदबाजी कराना आसान हो जाता है। खासकर तब जब वह जानते हैं कि उनके पास कोई अतिरिक्त गेंदबाज नहीं है। अगर गेंद टर्न होती है, तो आपको पता होता है कि आपके पास दूसरा फ्रंट लाइन स्पिनर भी है। जब स्पिनर दोनों छोर से गेंदबाजी करते हैं तो मैच की गति भी बढ़ जाती है। अगर एक ही स्पिनर होता है तो फिर से बीच के ओवरों में गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है।”

भारत के लिए 52 वनडे और 42 टी20 मैच खेल चुके चहल ने लार पर प्रतिबंध को लेकर कहा, “स्पिनर भी गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग करते हैं, क्योंकि हमें पता होता है कि हमारे बाद तेज गेंदबाज गेंद थामंगे या वह दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहा होता है।”

उन्होंने कहा, “मैं गेंद को उस स्थिति में रखना पसंद करता हूं जिससे उससे तेज गेंदबाजों को मदद मिले। तेज गेंदबाज भी ऐसा सोचते हैं, जब वे देखते हैं कि स्पिनर आने वाले हैं तो वे गेंद को बहुत अधिक चमकाने से बचते हैं। हम इस तरह से रणनीति बनाते हैं।”