पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास ने महेन्द्र सिंह धोनी को बेहतरीन कप्तान बताया © Getty Images
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास ने महेन्द्र सिंह धोनी को बेहतरीन कप्तान बताया © Getty Images

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास ने महेन्द्र सिंह धोनी  को उनकी कप्तानी के स्वर्णिम दौर के लिए बधाई देने वालों में शामिल हुए। अब्बास ने भारत के सबसे सफल कप्तान धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि कप्तान के रूप में धोनी के योगदान को बयान कर पाना मुश्किल है। उन्होंने आगे कहा कि धोनी ने कप्तानी के स्तर को काफी ऊंचा कर दिया है और किसी अन्य कप्तान के लिए उनकी सफलता को दोहराना आसान नहीं होगा। बुधवार की शाम को धोनी ने वनडे और टी20 टीम की कप्तानी छोड़ दी थी और अब वह टीम में एक खिलाड़ी के रूप में खेलेंगे।

अब्बास ने भारत के लेजेंडरी कप्तान की तारीफ करते हुए कहा कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए तीनों प्रारूपों में शानदार योगदान दिया है और उन्होंने बहुत से मैच जीते हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने नई ऊचाईयों को छुआ, उनकी सफलता को दोहराना आसान नहीं होगा। 35 वर्षीय धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2 विश्व कप के अलावा 1 चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। [Also Read: ओ कैप्टन! माई कैप्टन!]

2005-06 में भारत के पाकिस्तान दौरे को याद करते हुए अब्बास ने कहा कि सिर्फ कप्तान के रूप में ही नहीं एक बल्लेबाज के रूप में भी वह सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में एक थे। 2005-06 के दौरे पर लाहौर में उनके द्वारा 46 गेंदों पर खेली गई 72 रनों की पारी याद है जिसमें उन्होंने भारत को 5 विकेट से जीत दिलाई थी। इस जीत के बाद जनरल परवेज मुशर्रफ ने उनके लंबे बालों की तारीफ की थी और उन्हें बाल नहीं काटने की सलाह दी थी। [Also Read: बतौर कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के ऐसे रिकॉर्ड जो और कोई नहीं बना सका]

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि भारत के लिए धोनी जैसा कप्तान पाना आसान नहीं होगा लेकिन वह एक बल्लेबाज के रूप में भी उतने ही अच्छे थे और यही उनको दूसरों से अगल करती थी। जब भी भारत मुश्किल में रही उन्होंने आगे बढ़कर नेतृत्व किया और रन बनाए। वह एक मैच फिनिशर हैं और उनकी बल्लेबाजी देखना सुखद अनुभव है।

कप्तान के रूप में धोनी के फैसलों की तारीफ करते हुए अब्बास ने कहा कि वह एक बहुत अच्छे फैसले लेने वाले कप्तान थे। उनको कई बार आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी लेकिन मैंने हमेशा उनका समर्थन किया क्योंकि एक कप्तान अपनी टीम को बेहतर जानता है। मैदान पर क्या करना है यह उनको पता होता था।