Zimbabwe cricket board asks ICC to help them with financial crisis
जिम्बाब्वे टीम © AFP (File photo)

भारत में क्रिकेट का क्रेज बहुत ज्यादा है, यहां खिलाडि़यों को भगवान की तरह पूजा जाता है। यही कारण है कि बीसीसीआई को दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। वहीं जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड की हालत ये है कि उनके पास खिलाड़ियों की सैलरी देने तक के पैसे नहीं है। हाल ये है कि इस साल होने वाला पाकिस्‍तान का जिम्‍बाब्‍वे दौरा भी खटाई में पड़ता दिख रहा है। इस दौरे के बचाने के लिए जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट यूनियन ने आईसीसी को पत्र लिखकर मदद की गुजारिश की है।

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पीसीबी के चेयरमैन नजर सेठी ने स्‍थानीय अखबार डॉन से बातचीत के दौरान कहा कि ये दौरा अभी रद नहीं हुआ है। जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट यूनियन ने आईसीसी से इसके लिए मदद मांगी है। जिम्‍बाब्‍वे क्रिकेट बोर्ड ने हमे अप्रैल तक रुकने के लिए कहा है। इस दौरान वो इस दौरे को लेकर अपना आखिरी फैसला लेंगे। पाकिस्‍तान को अगस्‍त में जिम्‍बाब्‍वे जाकर खेलना है। जिम्‍बाव्‍वे को उम्‍मीद है कि आईसीसी इस टूर्नामेंट को बचाने में जरूर उनकी मदद करेगा। जिम्‍बाब्‍वे का प्रयास ऑस्‍ट्रेलिया को इस दौरे में जोड़कर पाकिस्‍तान के साथ ट्राई सीरीज खेलने पर भी है। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

पाकिस्‍तान नहीं करेगा मदद 

आर्थिक संकट से जूझ रहे जिम्‍माब्‍वे की मदद करने के बजाए पाकिस्‍तान टीम उनसे दूरी बनाने में ज्‍यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। नजर सेठी की बातों से कुछ ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। सेठी ने कहा कि अगर जिम्‍बाब्‍वे इस दौरे की मेजबानी नहीं कर पाता है तो पाकिस्‍तान उन्‍हें अपने देश में बुलाने के लिए नहीं कहेगा। इसकी जगह हमारा जोर इस दौरान खिलाडि़यों के लिए अन्‍य विकल्‍प तलाशने पर रहेगा। पाकिस्‍तान टीम के दौरे कि दौरान दो टेस्‍ट, पांच वनडे और दो टी 20 खेलने की शिड्यूल पहले से तय था, जो अब खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। बता दें कि इससे पहले भी सैलरी नहीं मिलने की वजह से जिम्‍बाब्‍वे के खिलाड़ी और सपोर्ट स्‍टॉफ बाघी तेवर अपना चुके हैं।