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ऐसा सोचना भी नहीं चाहिए… पूर्व क्रिकेटर ने भारत-पाकिस्तान मैच रद्द करने की मांग की
Published On Jul 30, 2025, 01:59 PM IST
Last UpdatedJul 30, 2025, 01:59 PM IST
भारत के पूर्व क्रिकेटर ने कहा, खिलाड़ी भी पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहते, लेकिन बोर्ड से अनुबंधित होने की वजह से सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल सकते.
‘हमें पाकिस्तान के साथ खेलने की सोच नहीं रखनी चाहिए’
आईएएनएस से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा, भारत का नागरिक और खिलाड़ी होने के नाते मैं नहीं चाहता कि ये मैच हो, पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमें पाकिस्तान के साथ खेलने की सोच नहीं रखनी चाहिए, निर्दोष लोग मरे, जंग हुई, जवान शहीद हुए, इतना सबकुछ होने के बाद हम पाकिस्तान के साथ कैसे खेल सकते हैं.
खेल जीवन से ज्यादा अहम नहीं है
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, हर बार आतंकी घटना होती है, निर्दोष लोग मारे जाते हैं, कुछ समय के लिए विरोध होता है फिर एशिया कप और आईसीसी टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान खेलने लगते हैं, मैं नहीं चाहता कि भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ खेले, मैं मानता हूं कि खेल जीवन से ज्यादा अहम नहीं है.
‘खिलाड़ी भी पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहते, मगर…’
मनोज तिवारी ने कहा कि खिलाड़ी भी पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहते, लेकिन बोर्ड से अनुबंधित होने की वजह से सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल सकते। खिलाड़ी बीसीसीआई के निर्देश के मुताबिक ही चलते हैं, बीसीसीआई को केंद्र सरकार से निर्देश मिलता है, भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच का निर्णय भी केंद्र सरकार से सहमति मिलने के बाद ही बीसीसीआई की तरफ से लिया गया होगा.
‘सिर्फ पैसा कमाने के लिए मैच नहीं खेला जाना चाहिए’
मनोज तिवारी ने कहा कि सभी इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं, मैंने भी अपना पक्ष रखा, अगर मुझे निर्णय लेना होता, तो मैं कभी भी इस मैच की अनुमति नहीं देता, जीवन अहम है, हम अपने शहीद जवानों की शहादत को इतनी आसानी से इतनी जल्दी भूलकर मैच कैसे खेल सकते हैं. तिवारी ने कहा कि सिर्फ रेवेन्यू की सोच आगे रखते हुए भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होना चाहिए, हम ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या साउथ अफ्रीका के साथ त्रिकोणीय सीरीज खेल सकते हैं, इससे भी राजस्व आएगा.
सोशल मीडिया पर भी हो रहा है विरोध
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के मुकाबले का सोशल मीडिया पर भी जमकर विरोध रहा है. लोग बीसीसीआई के दोहरे चरित्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं.