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बदल जाएंगे क्रिकेट के 73 नियम, 1 अक्टूबर से लागू, गेंद-बल्ला, ओवरथ्रो और कैच, क्या-क्या बदलेगा?

MCC ने क्रिकेट के 73 कानून बदल दिए हैं. जानते हैं इनमें से कौन से अहम है और इनमें क्या-क्या बदलाव हुए हैं.

New Cricket Rules

New Cricket Rules

लंदन: क्रिकेट के कुल 73 नियम बदल गए हैं. क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने इनकी घोषणा की है. इसमें दिन का आखिरी ओवर पूरा करना अनिवार्य कर दिया है. इसके साथ ही बल्ले और गेंद को लेकर भी नियमों में तब्दीली हुई है. अक्टूबर से क्रिकेट के ये नए नियम लागू हो जाएंगे. एमसीसी का कहना है कि नए नियमों का मकसद खेल को आज के वक्त के हिसाब से आधुनिक और अधिक समावेशी बनाना है.

अब देखते हैं कि आखिर एमसीसी ने क्या-क्या बड़े बदलाव किए हैं.

1- आखिरी ओवर पूरा करना ही होगा

अब क्या होगा..
एमसीसी ने बताया कि अब दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा करना ही होगा. उनका कहना है कि ऐसा नहीं होने पर खेल का रोमांच कम हो जाता है. एमसीसी ने स्पष्ट किया, ‘नये नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए.’

क्यों लिया गया यह फैसला
यह माना गया कि इससे वक्त भी नहीं बचता क्योंकि बची हुई गेंदों को अगले दिन पूरा करना होता है. साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है. नया बल्लेबाज मुश्किल हालात से बच जाता है क्योकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजी के लिए अच्छे होते हैं.

पहले क्या होता था
पहले अगर दिन के आखिरी ओवर में गेंदबाजी करने वाली टीम को विकेट मिल जाए तो समय को देखते हुए दूसरी टीम को बल्लेबाज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती थी. एमसीसी ने इसे गलत माना. यानी अब ऐसा नहीं होगा. टीम को बल्लेबाज भेजना ही होगा.

2. गेंद को लेकर लिया गया बड़ा फैसला

एमसीसी ने मौजूदा और पूर्व महिला खिलाड़ियों के साथ मिलकर जूनियर और महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंदों के लिए नए नियम तैयार किए हैं. अब गेंदों को तीन आकार में बांट दिया गया है. गेंदों को साइज-1, साइज-2 और साइज-3 के रूप में अलग किया गया है.

साइज-1: यह वह गेंद है जो पारंपरिक पुरुषों क्रिकेट में इस्तेमाल होती है. इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है,
साइज-2: यह गेंद महिला क्रिकेट और जूनियर क्रिकेट में खिलाड़ियों के लिए तय की गई है. इस गेंद का आकार साइज-1 से छोटा होगा और यह वजन में थोड़ी हल्की होगी. इससे खिलाड़ियों को खेलने में आसानी हो.
साइज-3: इस गेंद को सबसे छोटी उम्र के जूनियर खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इसका आकार और वजन तीनों गेंद में सबसे कम है. इससे बच्चों को खेल सीखने में आसानी होगी और साथ ही वे गेंद को आसानी से संभाल पाएंगे.

एमसीसी की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि तीनों गेंदों के आकार और वजन अलग होंगे लेकिन लेकिन अब तीनों के लिए मानक एक जैसे ही होंगे. यानी तीनों की क्वॉलिटी, सुरक्षा और मजबूती में कोई अंतर नहीं होगा.


3- बल्ले को लेकर भी एमसीसी ने लिया बड़ा फैसला

एमसीसी ने बल्ले को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है. लागत कम करने के मकसद से ‘ओपन एज क्रिकेट’ में ‘लैमिनेटेड’ बल्लों के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है. इससे पहले ऐसे बल्लों की अनुमति केवल जूनियर क्रिकेट में थी.

क्या होते हैं लैमिनेटेड बैट

लैमिनेटेड बैट को टाइप-डी बैट भी कहा जाता है. ये बल्ले लकड़ी के दो या तीन टुकड़ों को जोड़कर बनाए जाते हैं. इनकी कीमत परंपरागत रूप से लकड़ी के एक पीस से बनाए जाने वाले बल्लों से कम होती है. अब MCC ने ‘ओपन एज क्रिकेट’ में भी इससे खेलने की इजाजत दे दी है. ओपन-एज यानी ऐसा क्रिकेट जिसमें किसी भी उम्र के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं.

क्यों लिया एमसीसी ने ऐसा फैसला
एमसीसी ने कहा, ‘इन बल्लों की जांच की गई है और ऐसा नहीं माना गया कि लैमिनेटेड बल्ले प्रदर्शन में कोई बड़ा फायदा देंगे. हालांकि टॉप लेवल के क्रिकेट में अब भी एक ही टुकड़े के विलो बैट से खेलना होगा.

4- विकेटकीपिंग को लेकर भी बदला कानून

MCC ने विकेटकीपिंग से जुड़े नियम में भी बदलाव किया है. इससे खेल में रोमांच बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

क्या किया है एमसीसी ने
अब गेंद फेंके जाने से पहले अगर विकेटकीपर स्टंप्स के बराबर या आगे खड़ा होता है, तो इसे नोबॉल नहीं माना जाएगा. हालांकि MCC ने यह साफ कर दिया है कि विकेटकीपर अब भी गेंद को पकड़ने के लिए तब तक स्टंप्स के आगे नहीं आ सकता, जब तक गेंद बल्लेबाज के विकेट को पार न कर जाए या बल्ले अथवा शरीर से संपर्क न कर ले. लेकिन अब नियम यह है कि गेंद छोड़े जाने के बाद ही विकेटकीपर को पूरी तरह स्टंप्स के पीछे होना होगा.

5- फील्डिंग के दौरान कैच को लेकर किया गया बड़ा फैसला

बाउंड्री के पास ‘बनी हॉप कैच’ नियम को हटाया गया है. इससे बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा पहुंच सकता है. पर आखिर अब नियम में क्या बदलाव हुआ है.

अब क्या होगा
अब कोई भी फील्डर बाउंड्री लाइन के बाहर रहते हुए हवा में गेंद को केवल एक बार छू सकता है. और उसके बाद पूरी तरह बाउंड्री लाइन के अंदर जमीन पर होना लाजमी होगा. एमसीसी ने कहा कि अगर कोई फील्डर बाउंड्री के बाहर से गेंद को उछालकर अंदर खड़े साथी खिलाड़ी की ओर भेजता है और बाद में खुद सीमा के बाहर चला जाता है, तो उसे बाउंड्री माना जाएगा. यानी जब गेंद दूसरे फील्डर के पास हो तब दोनों ही फील्डर बाउंड्री लाइन के भीतर होने चाहिए.

6 – ओवर-थ्रो, डेड-बॉल और शॉर्ट रन पर भी नियमों में बदलाव

एमसीसी ने पहली बार ‘ओवरथ्रो’ की परिभाषा साफ कर दी है. इसके अनुसार, रन रोकने या रनआउट की कोशिश में ही अगर गेंद स्टंप की ओर फेंकी जाए तो ही उसे ओवरथ्रो माना जाएगा. वहीं केवल गेंद रोकने या दूसरे फील्डर को देने में हुई चूक को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा.

वहीं अगर बल्लेबाजी करने वाली टीम जानबूझकर शॉर्टर रन लेती है तो फील्डिंग टीम को यह अधिकारी होगा कि वह यह तय करे कि अगले गेंद पर कौन सा बल्लेबाज स्ट्राइक पर होगा. यानी यहां बल्लेबाजी करने वाली टीम ‘चालाकी’ नहीं कर पाएगी.

एमसीसी ने यह भी साफ किया कि गेंद को तब ‘पूरी तरह से रुकी हुई’ माना जाएगा जब वह किसी फील्डर के हाथ में हो या जमीन पर स्थिर हो. अब गेंद का गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा.

7- हिट विकेट नियम से कन्फ्यूजन हुई दूर

MCC ने अब हिट-विकेट के नियम को और साफ कर दिया है. यह बता दिया गया है कि बल्लेबाज को कब हिट विकेट माना जाएगा और कब उसे हिट विकेट नहीं माना जाएगा.

अगर बल्ला हाथ से छूट जाए
मान लीजिए कोई शॉट खेलते समय बल्लेबाज के हाथ बैट छूटकर स्टंप्स पर लग जाता है तो उसे आउट करार दिया जाएगा. लेकिन वही बल्ला विकेट पर लगने से पहले विकेटकीपर या फील्डिंग टीम के किसी सदस्य से लग जाता है तो बल्लेबाज आउट नहीं होगा.

बल्लेबाज का संतुलन बिगड़ जाए
अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद लड़खड़ाता है और बैलंस बनाने के चक्कर में वह खुद विकेट पर गिर जाता है तो उसे आउट करार दिया जाएगा. यहां गेंद कहां है इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता.

किसी फील्डर से टक्कर
अगर बल्लेबाज की टक्कर किसी फील्डर से हो जाती है तो और उस वजह से वह स्टंप्स पर गिर जाता है तो वह हिटविकेट आउट नहीं होगा.

एमसीसी आखिर क्या है

क्रिकेट की बात होने पर आपने आईसीसी सुना होगा. लेकिन यह सवाल जेहन में जरूर आएगा कि आखिर एमसीसी होता क्या है. एमसीसी असल में एक प्राइवेट क्लब है. यह दुनिया के सबसे पुराने और अहमियत रखने वाले क्लबों में से एक है. 1787 में यह इंग्लैंड में शुरू हुआ. इसे क्रिकेट के नियमों का कस्टोडियन माना जाता है. इसी ने 1788 में क्रिकेट के पहले आधिकारिक नियम तैयार किए. आईसीसी बनने के बाद भी क्रिकेट के नियमों का कॉपीराइट इसी क्लब के पास है.

आखिर क्या-क्या बदल गया

क्रिकेट में गेंद, बल्ले, कैच, हिट-विकेट समेत कई नियमों में बदलाव किए गए हैं ताकि यह खेल और रोचक बने.

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