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टेक्नोलॉजी गलत होने पर भी... क्रिकेट के इस नियम में बदलाव चाहते हैं सचिन तेंदुलकर
Published On Aug 26, 2025, 01:36 PM IST
Last UpdatedAug 26, 2025, 01:36 PM IST
डीआरएस में अंपायर्स कॉल बेनिफिट ऑफ डॉट के नियम पर चल रहे हैं, जिसे लेकर सचिन तेंदुलकर ने पहले भी सवाल उठाए थे.
‘अंपायर्स कॉल पर डीआरएस नियम में बदलाव चाहता हूं’
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि मैं अंपायर्स कॉल पर डीआरएस नियम में बदलाव चाहता हूं. खिलाड़ियों ने ऊपर जाने का फैसला इसलिए लिया कि वह अंपायर्स के निर्णय से खुश नहीं थे, इसलिए उस फैसले पर वापस जाने का कोई विकल्प नहीं होना चाहिए.
‘टेक्नोलॉजी गलत होने पर भी लगातार गलत ही रहेगी’
सचिन तेंदुलकर ने कहा, जिस तरह खिलाड़ियों के बुरे दौर आते हैं, उसी तरह अंपायर्स के भी बुरे दिन होते हैं, मगर टेक्नोलॉजी गलत होने पर भी लगातार गलत ही रहेगी.
2020 में भी अंपायर्स कॉल को खत्म करने के समर्थन में थे सचिन
यह पहली बार नहीं है जब सचिन तेंदुलकर ने अंपायर्स कॉल को लेकर बात की है. इससे पहले साल 2020 में भी अंपायर्स कॉल खत्म करने का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि बॉल ट्रैकिंग के दौरान अगर गेंद का हल्का भी संपर्क होता है तो बल्लेबाज को आउट दिया जाना चाहिए. डीआरएस में अंपायर्स कॉल बेनिफिट ऑफ डॉट के नियम पर चल रहे हैं. वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा के साथ चैट के दौरान भी सचिन ने इसका जिक्र किया था. सचिन ने कहा था कि जब फैसला तीसरे अंपायर के पास जाए तो टेक्नोलॉजी को अपना काम करने दें, या तो इन या फिर आउट, बीच का कुछ नहीं होना चाहिए.
जो रूट को लेकर भी बोले सचिन तेंदुलकर ?
जो रूट ने कहा कि 13,000 रन पार करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और वह अभी भी मज़बूती से आगे बढ़ रहे हैं, जब मैंने उन्हें 2012 में नागपुर में उनके पहले टेस्ट मैच के दौरान पहली बार देखा था, तो मैंने अपने साथियों से कहा था कि वे इंग्लैंड के भावी कप्तान को देख रहे हैं. सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जो रूट की जिस बात ने मुझे सबसे ज़्यादा प्रभावित किया, वह यह था कि वह विकेट का आकलन कैसे करते थे और स्ट्राइक रोटेट कैसे करते थे, मुझे उसी पल पता चल गया था कि वह एक बड़े खिलाड़ी बनेंगे.
2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में युवराज से पहले धोनी को बल्लेबाजी के लिए भेजने का आइडिया सचिन का ही थी. सचिन की सलाह पर कोच गैरी कर्स्टन ने यह फैसला लिया था. सचिन ने इस पर बात करते हुए कहा कि इसके दो कारण था, पहला था लेफ्ट- राइट कॉम्बिनेशन और दूसरा धोनी 2008-2010 तक चेन्नई सुपरकिंग्स में मुरलीधरन को नेट्स पर खेल चुके थे.