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रातोंरात हुए मशहूर, फिर गुमनामी के अंधेरे में खो गए भारत के यह फेमस क्रिकेटर्स

भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी आए, जिन्होंने अपने करियर का धमाकेदार अंदाज में आगाज किया था, मगर बाद में गुमनामी में खो गए

Vinod Kambli India

(Photo credit- Vinod Kambli Instagram)

विनोद कांबली

विनोद कांबली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में धमाकेदार आगाज किया था, उन्होंने सिर्फ 17 टेस्ट में 4 शतक और 3 अर्धशतक के साथ 1084 रन बनाए थे, वहीं 104 वनडे में 2 शतक और 14 अर्धशतक के साथ उनके नाम 2477 रन है. कांबली का टेस्ट करियर ढाई साल और वनडे करियर नौ साल का था. विनोद कांबली के नाम भारत के लिए टेस्ट में सबसे तेज 1000 रन (14 पारी) बनाने का रिकॉर्ड है. कांबली का विवादों से काफी नाता रहा. उन्होंने अपने बचपन के दोस्त और दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पर मदद नहीं करने का आरोप लगाया था. इसके अलावा उन्होंने सिद्धधू और रमीज रजा को अपशब्द भी कहे थे. (Photo credit- Vinod Kambli Instagram)

विजय भारद्वाज

विजय भारद्वाज ने भारत के लिए सितंबर 1999 में वनडे और अक्टूबर 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया था. 1999-2000 में भारतीय टीम केन्या में एलजी कप खेलने पहुंची थी और वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ विजय भारद्वाज ने डेब्यू किया. उन्होंने उस सीरीज में 4 वनडे मैच में 41 रन की नाबाद पारी के साथ 89 रन बनाए जबकि विकेट लेने वालों की लिस्ट में 10 विकेट के साथ सबसे ऊपर रहे थे. फाइनल मैच में उन्होंने विकेट चटकाए थे और 24 रन की पारी भी खेली थी, उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया था . वह अपने इंटरनेशनल करियर में महज 3 टेस्ट और 10 वनडे मैच ही खेल पाए. (Photo credit- BCCI)

नरेंद्र हिरवानी


टीम इंडिया के लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में ही 16 विकेट लेकर छा गए थे. इसके बाद से उन्हें 17 मैचों में खेलने का मौका मिला, मगर वह प्रभाव नहीं छोड़ सके. टीम इंडिया में अनिल कुंबले की एंट्री के बाद हिरवानी किनारे कर दिए. उन्होंने 1996 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था. नरेंद्र हिरवानी ने 17 टेस्ट मैच में 66 विकेट हासिल किए, वहीं 18 वनडे मैच में उन्होंने 23 विकेट चटकाए (Photo credit- BCCI)

सदगोपन रमेश

बाएं हाथ के बल्लेबाज सदगोपन रमेश ने अपने करियर की अच्छी शुरुआत की थी, मगर उनका क्रिकेट करियर ज्यादा नहीं टिक सका. साल 1999 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया और दो साल बाद 2001 में उनकी टेस्ट क्रिकेट से विदाई हो गई वहीं वनडे में वह सिर्फ सात महीने ही भारत के लिए खेल सके. 30 मार्च 1999 को उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया और तीन अक्टूबर 1999 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे खेला. 19 टेस्ट मैच में उन्होंने दो शतक और आठ अर्धशतक के साथ 1367 रन बनाए. वहीं 24 वनडे में वह सिर्फ 646 रन बना सके. (Photo credit- BCCI)

शिव सुंदर दास

दाएं हाथ के ओपनर शिव सुंदर दास के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10908 रन हैं. टेस्‍ट क्रिकेट में शिव सुंदर दास के बैट से दो शतक और नौ अर्धशतक भी आए. साल 2000 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू और साल 2001 में उन्होंने वनडे डेब्यू किया और अगले ही साल उनका क्रिकेट करियर खत्म हो गया. उन्होंने भारत के लिए 23 टेस्ट में 1326 रन और 04 वनडे में 39 रन बनाए. (Photo credit- BCCI)

करुण नायर

करुण नायर ने अपने करियर के तीसरे ही टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़कर धमाल मचा दिया था. इंग्लैंड के खिलाफ साल 2016 में करुण ने चेन्नई में 303 रनों की नाबाद पारी खेली थी, इसके बाद लगा टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट का नया सितारा मिल गया है, मगर इस मैच के बाद करुण को सिर्फ 3 टेस्ट में मौका मिला, जिसमें वह बुरी तरह फ्लॉप रहे और इसके बाद उनकी वापसी नहीं हो सकी. करुण नायर ने भारत के लिए छह टेस्ट मैच में 374 रन बनाए. वहीं दो वनडे मैच में वह सिर्फ 46 रन ही बना सके. उनका इंटरनेशनल वनडे करियर सिर्फ तीन दिन का था, उन्होंने 11 जून 2016 को जिम्बाब्वे के लिए डेब्यू किया और 13 जून 2016 को अपना आखिरी वनडे मैच खेला (Photo credit- BCCI)

फैज फजल

फैज फजल का घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन रहा, मगर यह क्रिकेटर भारत के लिए डेब्यू मैच में अर्धशतक जड़ने के बाद गुमनामी के अंधेरे में चला गया. उन्होंने 137 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में उन्‍होंने 41.36 के औसत से 9183 रन बनाए जिसमें 24 शतक शामिल है. उन्हें जून 2016 में भारत की ओर से वनडे में जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ हरारे में खेलने का मौका मिला. इस मैच में फैज ने 61 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्‍के की मदद से नाबाद 55 रन बनाए तथा केएल राहुल (63) के साथ ओपनिंग साझेदारी कर भारत को 10 विकेट से जीत दिलाई, मगर इसके बाद वह कभी भारत के लिए नहीं खेल सके. (Photo credit- faiz Fazal Twitter page)

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