शानदार फार्म में चल रही चेन्नई सुपर किंग्स बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में प्लेऑफ में जगह पक्की करने के इरादे से खेलेगी। महेंद्र सिंह धोनी की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने से सिर्फ एक जीत दूर है। वहीं सनराइजर्स को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए हर हालत में ये मैच जीतना जरूरी है।

चेन्नई की टीम आठ मैचों में 14 अंक लेकर शीर्ष पर है जबकि लगातार तीन मैच हार चुके सनराइजर्स के हौसले पस्त है। पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने हैदराबाद को मात दी।

‘बूढे घोड़ों की फौज’ करार दी गई चेन्नई की ताकत ये है कि उसके पास टीम संयोजन में विविधता है। हालात के अनुरूप उसके पास प्लान ए, बी या सी है लेकिन सनराइजर्स के सलामी बल्लेबाज जानी बेयरस्टो और डेविड वार्नर के नाकाम होने पर पूरी टीम दबाव में आ जाती है।

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वार्नर के 400 और बेयरस्टो के 304 रन के बाद तीसरे नंबर पर विश्व कप टीम में जगह बना चुके विजय शंकर (132 रन) हैं। सनराइजर्स की समस्या उसका मध्यक्रम रहा है। मनीष पांडे छह मैचों में 54, दीपक हुड्डा 47 और युसूफ पठान 32 रन ही बना सके हैं। पठान काफी समय से पिछली साख पर टीम में बन हुए हैं लेकिन लंबे समय से अच्छी पारी नहीं खेल पाए।

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दूसरी ओर धोनी ने अलग अलग हालात के अनुरूप अलग अलग संयोजन उतारे हैं और उनकी टीम कप्तान के भरोसे पर सही भी उतरी है। चेपॉक के धीमे विकेट पर हरभजन सिंह हों या बाहर के विकेटों पर मिशेल सैंटनर, धोनी की अधिकांश रणनीतियां कारगर साबित हुई है। चेन्नई के लिए इस सीजन के स्टार 40 साल के इमरान ताहिर रहे हैं जो 13 विकेट ले चुके हैं।