एमएस धोनी ने झारखंड की ओर से नाबाद 70 रनों की पारी खेली © AFP
एमएस धोनी ने झारखंड की ओर से नाबाद 70 रनों की पारी खेली © AFP

विजय हजारे ट्रॉफी में एमएस धोनी अपनी घरेलू टीम झारखंड की ओर से खेलते नजर आए। लेकिन इस बार धोनी झारखंड टीम के कप्तान नहीं थे बल्कि टीम के कप्तान युवा गेंदबाज वरन अरोन थे। विजय हजारे ट्रॉफी के दिल्ली और झारखंड के मैच में धोनी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। धोनी ने अकेले किला लड़ाते हुए अपनी पारी में चार गगनचुंबी छक्के लगाए और अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक 70 रन बनाए। धोनी की यह धुआंधार पारी की बदौलत उनकी टीम अपनी हार को नहीं टाल सकी और दिल्ली के हाथों 99 रनों से मैच हार गई। ये भी  पढ़ें: धोनी, युवराज की टीमों को पीछे छोड़ गंभीर की टीम विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में

इससे पहले झारखंड के कप्तान वरुन अरोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली की टीम ने 50 ओवरों में 10 विकेट खोकर225 रन बनाए। जवाब में 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी झारखंड की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने मात्र 9 पर अपने चार विकेट गंवा दिए। इसी बीच बल्लेबाजी करने आए धोनी ने मैदान के चारों तरफ अपने हाथ दिखाए और अकेले दम पर किला लड़ाने की कोशिश की।

लेकिन धोनी का साथ कोई भी नहीं दे सका और एक के बाद एक खिलाड़ी आउट होने लगे। इस तरह झारकंड की टीम 126 रनों पर ऑलआउट हो गई और मैच 99 रनों से हार गई। इस सबके बावजूद धोनी 70 रनों पर अंत तक नाबाद रहे। महेंद्र सिंह धोनी भारतीय सीमित ओवर की टीम के कप्तान हैं। भारत को अगले साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है जहां वह 3 टी20 व 5 वनडे मैच की सीरीज खेलेंगे। ये भी पढ़ें: क्या धोनी और गंभीर के बीच सब ठीक है?