© Getty Images (representational photos)
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क्रिकेट भले ही विश्व में बहुत कम देशों में खेला जाता हो, लेकिन इसके एशियाई देशों व प्रायद्वीपों में लोकप्रिय होने के कारण इस खेल को देखने वाले करोड़ों लोग हैं। क्रिकेट की फैन फॉलोइंग के चलते विश्व के कई क्रिकेट बोर्डों ने अपने रुतबे में ही नहीं बल्कि क्रिकेट के विकास में भी अभिन्न योगदान दिया है। विश्व में ऐसे कई क्रिकेट बोर्ड हैं जिनका सालाना टर्नओवर अरबों रुपए है। वहीं पिछले कुछ सालों में आईपीएल व अन्य लीगों के शुरू होने से क्रिकेट बोर्डों ने और भी पैसा कमाया है। साथ ही क्रिकेटर भी पहले के मुकाबले अब अच्छी खासी कमाई करते हुए क्रिकेट को अपना करियर बनाकर अपने आपको धन्य समझने लगे हैं। तो आइए नजर डालते हैं टेस्ट दर्जा प्राप्त देशों के क्रिकेट बोर्ड की सालाना आय पर। ये भी पढ़ें: भारतीय क्रिकेट मैदानों में क्रिकेट मैच देखने का टिकट सबसे महंगा?

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड: न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड अमीर क्रिकेट बोर्ड की सूची में सबसे आखिरी नंबर पर है। इस बोर्ड का नेट वर्थ 9 मिलियन यूएस डॉलर है। क्रिकेट न्यूजीलैंड में रग्बी के बाद दूसरा लोकप्रिय खेल है। कीवी क्रिकेटर्स अपने अच्छे खेल के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं और वे विश्व भर में खेली जाने वाली विभिन्न लीगों में भाग लेकर भी पैसा कमाते हैं। हालांकि इस क्रिकेट बोर्ड को अन्य बोर्डों की तरह मोटा पैसा कमाने में अभी सफलता नहीं मिली है। यह अपनी ज्यादातर कमाई के लिए टेलीवीजन राइट्स पर निर्भर है।

वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड: वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड विश्व का सातवां सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। इस बोर्ड का नेट वर्थ 15 मिलियन डॉलर है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के अंतर्गत कई कैरेबियन देश आते हैं। सन् 1900 से ये सारे देश एक देश के रूप में क्रिकेट खेल रहे हैं। वेस्टइंडीज 1970 से 1990 तक विश्व की बेहतरीन टीमों में से एक रही। क्रिकेट वेस्टइंडीज में पहले बहुत लोकप्रिय खेल हुआ करता था लेकिन अमेरिकी स्पोर्ट्स और फुटबॉल ने क्रिकेट की लोकप्रियता को यहां काफी हद तक पछाड़ दिया है। हालांकि काफी लोग अभी भी यहां क्रिकेट को पसंद करते हैं, लेकिन अब यहां पहले जैसी बात नहीं है। पिछले कुछ सालों से वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड पैसे नहीं कमा पा रहा है जिसके कारण उसके आए दिन खिलाड़ियों से झगड़े होते रहते हैं। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में नई फ्रेंचाइजी डब्ल्यूआईपीबी शुरू की है और उसे उम्मीद है कि इसकी सहायता से वह एक बार फिर से देश के युवाओं के दिलों में क्रिकेट को जिंदा करेगा।

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड: विश्व की चुनिंदा टीमों में से एक श्रीलंका टीम ने देश विदेश में दूसरी बड़ी टीमों पर कई दफे जीत दर्ज की है, लेकिन श्रीलंका बोर्ड की आर्थिक हालत कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का नेट वर्थ 20 मिलियन यूएस डॉलर है। इस बोर्ड की ज्यादातर कमाई टेलीवीजन प्रसारण अधिकारों से होती है। कई बार तो यह बोर्ड क्रिकेटरों की सैलरी तक नहीं दे पाता और गुस्साए हुए श्रीलंकाई क्रिकेटरों ने इसका कई बार विरोध भी किया है। बहरहाल श्रीलंका टीम का हालात भी बड़ी खराब है जिसकी वजह से बोर्ड और श्रीलंकाई चयनसमिति परेशानी के दौर से गुजर रही है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है और यह देश की सबसे अमीर खेल संस्था है। जैसा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया हमेशा से बेहतरीन क्रिकेट खेला है इसीलिए वहां के लोग भी इस खेल को बहुत पसंद करते हैं। यही कारण है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पैसों की कभी कमी नहीं होती। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस साल पहली बार केएफसी टी20 बैश लीग शुरू की थी जिसको पूरे विश्व भर से अच्छा रिस्पॉन्स प्राप्त हुआ था। इस बोर्ड का नेट वर्थ 24 मिलियन यूएस डॉलर है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड: पिछले कुछ सालों से आतंकवाद के साए में झूल रहा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू सीरीजों का आयोजन मिडिल ईस्ट देशों में कराता है। लेकिन पाकिस्तान में क्रिकेट की गजब की फैन फॉलोइंग है जिसकी वजह से पीसीबी को आर्थिक परेशानियों का सामना कभी नहीं करना पड़ता। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ज्यादातर पैसे टेलीवीजन राइट्स बेच कर कमाता है। इस बोर्ड का नेट वर्थ 55 मिलियन यूएस डॉलर है।

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड: ईसीबी विश्व के तीन सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में से एक है। क्रिकेट की जन्मस्थली इंग्लैंड में क्रिकेट को लोग खूब पसंद करते हैं। इसी बोर्ड ने टी20 क्रिकेट को इजाद किया था। इस क्रिकेट बोर्ड की लीग भले की फ्रेंचाइजी आधारित ना हो लेकिन बहुत प्रचलित है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का क्रिकेट से संबंधित किसी भी मामले में दखल बेहद जरूरी माना जाता है। इस क्रिकेट का नेट वर्थ 59 मिलियन यूएस डॉलर है। इंग्लैंड में 2019 क्रिकेट विश्व कप का आयोजन किया जाएगा।

क्रिकेट साऊथ अफ्रीका: दक्षिण अफ्रीका विश्व का सबसे खर्चीला क्रिकेट बोर्ड है। यह क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट के विकास के लिए हमेशा सबसे आगे रहता है यही कारण है कि जमकर पैसा कमाने के बावजूद यह बोर्ड घाटा झेल रहा है। यह बोर्ड अधिकतर पैसा टेलीवीजन राइट्स व दूसरी टीमों के दौरे पर आने से कमाता है। इनकी टीम पिछले कुछ समय से बेहतरीन क्रिकेट खेल रही है जो दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट के लिए सबसे अच्छी खबर है। इस बोर्ड का नेट वर्थ 69 मिलियन यूएस डॉलर है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड: वर्तमान में बीसीसीआई विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। बीसीसीआई एक समय विश्व का सबसे गरीब क्रिकेट बोर्ड हुआ करता था। यहां तक की 1980 के पहले तक यह बोर्ड अपने खिलाड़ियों को सैलरी भी नहीं दे पाता था। लेकिन विश्व कप 1983 में जीत के बाद भारतीय क्रिकेट में एकाएक क्रांति आई और भारतीय क्रिकेट धीरे-धीरे धनाढ्य क्रिकेट बोर्ड बन गया। साथ ही 2008 में शुरू हुए आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बना दिया। बीसीसीआई का आज नेट वर्थ 295 मिलियन यूएस डॉलर है और इस तरह यह विश्व का सबसे अमीर बोर्ड है।