Jonty Rhodes: Mayank Agarwal has proven that he is more than just a Test player
मयंक अग्रवाल (Twitter)

घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भारतीय टेस्ट टीम में डेब्यू करने वाले मयंक अग्रवाल अब सीमित ओवर फॉर्मेट का दरवाजा भी खटखटा रहे हैं।

टीम इंडिया के लिए 11 मैचों में 974 रन बनाने वाले मयंक ने अब तक राष्ट्रीय टीम के लिए केवल तीन वनडे मैच खेले हैं लेकिन मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करने उन्होंने साबित कर दिया है कि वो रेड बॉल के साथ साथ व्हाइट गेंद क्रिकेट में भी धमाल मचा सकते हैं।

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पंजाब टीम के फील्डिंग कोच जॉन्टी रोड्स का भी कहना है कि मयंक ने साबित किया है कि वो केवल टेस्ट बल्लेबाज नहीं हैं। हालांकि उन्होंने ये भी माना कि ढेर सारे प्रतिभावान खिलाड़ियों और कड़ी प्रतिद्वंद्विता की वजह से टीम इंडिया में जगह बनाना बेहद मुश्किल है।

एएनआई से बातचीत में मयंक के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा, “ये शानदार है और ये भारतीय क्रिकेट की ताकत का सबूत है, जो कि कुछ युवा क्रिकेटरों के लिए भी हानिकारक है। रोहित शर्मा के बारे में सोचें, उसे भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने में कितना समय लग दगया। मयंक जैसे खिलाड़ियों ने दिखाया कि वो टेस्ट खिलाड़ी से बढ़कर हैं।”

पूर्व दिग्गज ने कहा, “लेकिन केएल भी निरंतर रहा है। वह बहुआयामी है, और ये बहुत जरूरी है क्योंकि बतौर क्रिकेटर आपको हर हालाक के हिसाब से खुद को ढालना होता है। जो खिलाड़ी खुद को बदल पाते हैं वो सफल होते हैं।”