माइकल बेवन © Getty Images
माइकल बेवन © Getty Images

क्रिकेट के दुनिया में कई महान बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से लोगों का दिल जीत लिया। कठिन से कठिन परिस्थितियों में इनका रन बनाने का कौशल ही इन्हें सर्वश्रेष्ठ बनाता है। जब कभी टीम को इनकी जरुरत होती है तब ये ख़िलाड़ी चौकों और छक्कों की बारिश करके टीम के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करते है और कठिन परिस्थितियों में ठन्डे दिमाग से खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाना ही इनका मुख्य कार्य होता है। आइए जानते है अब तक के बेहतरीन मैच फिनिशर के बारे में

माइकल बेवन- ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज माइकल बेवन एकदिवसीय क्रिकेट के एक बेहतरीन मैच फिनिशर रहे। टीम में छठे नंबर पर खेलने वाले बेवन अपनी आतिशी पारी के कारण टीम को मैच जिताने के लिए जाने जाते थे। कठिन परिस्थितियों में ये अपनी टीम के लिए रन बनाते थे। इन्होंने एकदिवसीय मैचों में कई शानदार पारियां खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई। बेंसन एंड हेजेज विश्व सीरीज 1995 /96 के 5वें एकदिवसीय मैच में इन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तूफानी पारी खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को संकट से उबारा और सारा दारोमदार अपने कंधे पर लेते हुए टीम को अप्रत्याशित जीत दिलाई।

वर्षा बाधित इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को 43 ओवर में 173 रन बनाने थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के शुरुआत में ही 38 रन पर 6 विकेट गिर गए थे। उसके बाद बेवन और इयान हिली ने मिलकर स्कोर को 74 तक पहुंचाया। ऐसे में पूरी कंगारू टीम उदास दिख रही थी। लेकिन माइकल बेवन अपनी जगह पर सूर्य की तरह डटे रहे। अंत में बेवन ने मैच की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी। बेवन ने अपनी पारी में 78 रन 88 गेंदों पर बनाए थे। यहीं से आगे बढकर बेवन एक महान फिनिशर साबित हुए।

 महेंद्र सिंह धोनी – भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को कैप्टेन कूल के नाम से भी जाना जाता है। इनकी आतिशी पारियों के बदौलत टीम इंडिया ने कई सीरीज व मैच जीते हैं। वर्तमान समय के बेहतरीन मैच फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए बड़े रन बनाते हैं। विषम परिस्थितियों में खेलते हुए इन्होंने कई बार टीम को मैच छक्के के साथ जिताया है। इन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपने करियर के शुरुआत में ही 148 रन बनाए थे। इन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में बेहतरीन मैच फिनिशर की भूमिका निभाते हुए सातवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों पर 45 रन बना डाले और टीम को जीत दिलाई। सन् 2011 के विश्व कप के एक मुकाबले में इन्होंने नाबाद 91 रन बनाए और टीम इंडिया को विश्व कप दिलाया।

महेंद्र सिंह धोनी  © AFP
महेंद्र सिंह धोनी © AFP

माइक हसी- ऑस्ट्रेलियाई मध्य क्रम के बाएं हाथ के बल्लेबाज माइक हसी को लोग मिस्टर क्रिकेट के नाम से भी जानते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए बड़े रन बनाने के लिए यह चर्चित हैं। इन्होंने कई बार टीम के लिए आक्रामक पारियां खेली हैं और टीम को जीत भी दिलाई है। साल 2010 के टी-20 विश्व कप के एक मुकाबले में इन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ तूफानी 80 रन की नाबाद पारी खेली थी और ऑस्ट्रेलिया को एक बेहतरीन जीत दिलाई थी।

माइक हसी© Getty Images (File Photo)
माइक हसी© Getty Images (File Photo)

जावेद मियांदाद- क्रिकेट की दुनिया के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद को बेहतरीन मैच फिनिशर भी कहा जाता है। शांत दिमाग से खेलते हुए ये सरलता से टीम को जीत तक पंहुचा देते थे। विषम परिस्थितियों में टीम के लिए रन बनाने की काबिलियत इनके पास थी। 18 अप्रैल 1986 भारत बनाम पाकिस्तान के एक मुकाबले में इन्होंने कठिन परिस्थियों में नाबाद 116 रन बनाए थे और मैच की  आखिरी  गेंद पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को भारत पर एक अप्रत्याशित जीत दिलाई थी।

 

जावेद मियांदाद © Getty Images
जावेद मियांदाद © Getty Images

लांस क्लूजनर- लांस क्लूजनर क्रिकेट की दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर खिलाड़ियों में से एक हैं। इनके साथी ख़िलाड़ी इन्हें ज़ुलु के नाम से भी पुकारते है। अपने अजीबोगरीब शॉट से ये सभी को अचरज में डाल देते थे और अपने नए शॉट के बदौलत रनों का अम्बार खड़ा कर देते थे जब 8 से 10 ओवर बचे होते थे तब इनके रन बनाने की गति बढ़ जाती थी। गेंदबाजों पर काल बन कर टूटते थे और ज्यादा से ज्यादा रन बनाते थे। इसके साथ ही ये एक अच्छे गेंदबाज भी थे जिन्होंने 1999 के विश्व कप मुकाबले में 17 विकेट अपने नाम किए थे।

लांस क्लूजनर © Getty Images
लांस क्लूजनर © Getty Images

अब्दुल रज्जाक- पाकिस्तान के ऑलराउंडर खिलाड़ी अब्दुल रज्जाक दाएं हाथ के बल्लेबाज थे। मैच के अंत में आकर चौके व छक्के लगाना इनके लिए बहुत आसान काम था। ये सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक थे। इन्होंने इंग्लैंड (2005) के खिलाफ 47 रन महज 11 गेंदों पर बना डाले थे।

अब्दुल रज्जाक  © AFP
अब्दुल रज्जाक © AFP

मार्क बाउचरमार्क बाउचर ने एक दशक से ज्यादा दक्षिण अफ्रीकी टीम को अपनी सेवाएं दी और इस दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सबको अपना मुरीद बनाया। बाउचर के नाम वनडे क्रिकेट में 44 गेंदों में शतक भी है। इसी से अंदाजा लग जाता है कि वह एक आतिशी बल्लेबाज थे जो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी में यकीन रखते थे। जब भी कभी टीम को इनकी जरुरत पड़ती थी ये टीम के लिए बड़े रन बनाते थे। टीम के लिए ये कभी ओपनर बल्लेबाज के रूप में तो कभी निचले क्रम पर आ कर बल्लेबाजी किया करते थे और टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाते थे।

मार्क बाउचर  © Getty Images
मार्क बाउचर © Getty Images

अरविंद डी सिल्वाअरविंद डी सिल्वा को सबसे तेज विकेट की बीच दौड़कर रन बनाने के लिए जाना जाता है। 1996 के विश्व कप में इन्होंने अपनी टीम श्रीलंका  के लिए कठिन समय में रन बनाये थे जो की काबिले-तारीफ था। 1996 विश्व कप के फाईनल में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच खेले गए एक मुकाबले में डी सिल्वा ने नाबाद 107 रन 124 गेंदों पर बनाए थे जिसकी बदौलत श्रीलंकाई टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर जीत हासिल की थी।

अरविंद डी सिल्वा© Getty Images
अरविंद डी सिल्वा© Getty Images

फटाफट रन बनाने के कारण लोग इन्हें  मैड मैक्स के नाम से भी पुकारते थे। इनके आक्रामक बल्लेबाजी के कारण लोग इन्हें ज्यादा पसंद करते थे। इन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 6361 रन बनाए थे और 308 एकदिवसीय क्रिकेट मैचों में इन्होंने 9284 रन बनाए।