घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में लगातार नाम कमा रहे युवा ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम (Krishnappa Gowtham) को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम में चांस मिल गया है. शिखर धवन की कप्तानी में यह टीम 3 वनडे और 3 टी20 इंटरनेशनल मैचों के लिए श्रीलंका जाएगी. टीम को हेड कोच के रूप में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का साथ मिलेगा. कृष्णप्पा गौतम द्रविड़ के साथ मिलकर अपनी खास गेंद ‘कैरम बॉल’ को और निखारना चाहते हैं.

गौतम जब शुरुआती दिनों में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते थे, तो उनके दोस्त उन्हें ‘भज्जी (हरभजन सिंह का उपनाम)’ के नाम से बुलाते थे लेकिन उन्होंने अपने तरीके से जिस तरह से ‘कैरम बॉल’ को ईजाद किया उससे उनकी गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन का प्रभाव ज्यादा दिखाता है. गौतम उन 6 नए खिलाड़ियों में से एक हैं, जिसे श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के दौरे के लिए चुना गया है. इस दौरे पर 13 जुलाई से 25 जुलाई के बीच भारतीय टीम को तीन एकदिवसीय और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है.

गौतम से जब भारतीय टीम में चयन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘आप वर्षों से जो सपना देखते हैं, जब वह सच होता है तब आप सबसे ज्यादा खुश होते हैं.’ घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले गौतम इस साल इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में सुर्खियों में आए थे. चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 साल के इस खिलाड़ी के लिए बड़ी बोली लगाई थी.

गौतम ने कहा, ‘अपने करियर की शुरुआत में मैं भज्जी पा (हरभजन सिंह) की नकल करता था और मेरे साथी मुझे भज्जी कहते थे.’ भज्जी की तरह ‘दूसरा गेंद’ डालने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘नहीं, मैं ‘दूसरा’ नहीं फेंकता लेकिन ‘कैरम गेंद’ फेंकता हूं.’

प्रथम श्रेणी में 166, लिस्ट ए में 70 और टी20 में 42 विकेट लेने वाले इस खिलाड़ी से जब पूछ गया कि क्या उन्होंने अश्विन को देखकर कैरम बॉल करना सीखा है तो उन्होंने कहा, ‘मैंने इसे अपने दम पर विकसित किया है. यदि आपको शीर्ष स्तर पर खेलना है, तो आपको अपने दम पर कौशल विकसित करने की जरूरत होती है. अपने जूनियर दिनों में, मुझे ईरापल्ली प्रसन्ना सर ने भी कोचिंग दी है.’

राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के निदेशक राहुल द्रविड़ भारत की सीमित ओवरों के इस सीरीज में टीम के मुख्य कोच के रूप में यात्रा करने की संभावना है. गौतम ने कहा कि उनकी उपस्थिति से निश्चित रूप से उनका काम आसान हो जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘अगर आपने इंडिया A खेला है, तो आप जानते हैं कि राहुल सर एक कोच के रूप में कैसे हैं और एक खिलाड़ी के रूप में वह आपसे क्या उम्मीद करेंगे. जब आप पहले उनकी देखरेख में खेल चुके हैं तो इससे आपको उस दौरे के लिए अच्छी तैयारी करने का बेहतर मौका मिलता है. यह सीखने का एक शानदार अनुभव होगा.

(-भाषा)