उमेश यादव © AFP
उमेश यादव © AFP

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उमेश यादव ने खतरनाक गेंदबाजी की। जिसकी बदौलत कंगारू टीम तास के पत्तों की तरह ढह गई। उमेश यादव ने अपनी घातक गेंदबाजी की दम पर दूसरी पारी में 3 विकेट अपने नाम किए। इसके साथ ही वह किसी भी घरेलू सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज बन गए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों में कुल 17 विकेट लिए हैं। उनके अलावा यह उपलब्धि केवल जवागल श्रीनाथ के नाम है, जिन्होंने 1996 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में 17 विकेट चटकाए थे। बेहतरीन स्पेल के बाद उमेश यादव ने कहा, ”जिस तरह से उनके तेज गेंदबाज बाउंसर्स का उपयोग कर रहे थे, खासकर पेट कमिंस, उसके बाद दूसरी पारी में हमारी रणनीति ज्यादा से ज्यादा बाउंसर्स फेंकने की थी।” [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया धर्मशाला टेस्ट का पूरा स्कोरकार्ड यहां देखें]

उमेश यादव ने आगे कहा, ”हम किसी भी हाल में मैच जीतना चाहते थे और ये इस सत्र का आखिरी टेस्ट है। मुझे लगा कि हमें इस मैच में काफी कुछ देने की जरूरत है।” उमेश यादव ने खुलासा किया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे तब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उन्हें 2-3 बाउंसर फेंके थे। और उसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि वे ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। उमेश ने कहा, ”जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तो उन्होंने मुझे 2-3 बाउंसर फेंकी थी। जब मैं ड्रेसिंग रूम गया तो मैंने फैसला किया मैं उन्हें दिखाऊंगा कि मैं भी बाउंसर फेंक सकता हूं। उसी समय मैंने ये भी सोचा कि आक्रामक होने के लिए जरूरी है कि मैं अपनी गेंदों पर नियंत्रण रखूं।” उमेश ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की है।