ऑस्‍ट्रेलिया की टीम के पूर्व कप्‍तान माइकल क्‍लार्क (Michael Clarke) का कहना है कि वो पूर्व कप्‍तान रिकी पोटिंग (Ricky Ponting) को उनके करियर के अंतिम पड़ाव के दौरान टीम में बनाए रखने के लिए चयनकर्ताओं से लड़े थे.

एक पोडकास्‍ट पर बातचीत करते हुए माइकल क्‍लार्क ने कहा, “जब मैंने कप्‍तानी की जिम्‍मेदारी संभाली तो रिकी पोंटिंग को टीम में बनाए रखने के लिए मैं लड़ा था. चयनकर्ताओं ने मुझे कहा था कि बहुत कम ऐसा होता है कि कप्‍तानी से हटने वाला खिलाड़ी आगे टीम में भी बना रहे. अगर आप असहज महसूस कर रहे हो तो अब रिकी के लिए जाने का वक्‍त आ गया है.”

माइकल क्‍लार्क (Michael Clarke) ने कहा, “मैंने चयनकर्ताओं को कह दिया था कि मुझे रिकी पोटिंग (Ricky Ponting) की जरूरत है. एक बल्‍लेबाज के तौर पर हमें वो चाहिए. वो एक अच्‍छे कोच भी बन सकते हैं. मैं उनको टीम में बनाए रखने के लिए लड़ा.”

“पोंटिंग (Ricky Ponting) ने युवाओं को उस स्‍तर तक पहुंचाने में मदद की जिसकी हमें जरूरत थी. अगर वो अपनी कला का 80 प्रतिशत भी दे पा रहे हैं तो भी वो नंब-3 या 4 पर खेलने वाले अन्‍य क्रिकेटर्स से बेहतर हैं. हमारा मानना था कि घास हमेशा से ही हरी थी.”

माइकल क्‍लार्क (Michael Clarke) ने कहा, “मैंने ऑस्‍ट्रेलिया के लिए खेने का सपना देखा था. कभी कप्‍तान बनने का सपना नहीं देखा. जब मैं उपकप्‍तान था तो कप्‍तानी मुझे काफी मुश्किल लगती थी. इस तरह की उम्‍मीदें लगाई जा रही थी कि मुझे अगला कप्‍तान बनाया जाएगा. मैं या तो अच्‍छा कप्‍तान रह सकत था अन्‍यथा अच्‍छा कप्‍तान. इन दोनों के बीच में रहना अच्‍छा नहीं था.”