वेंकटेश प्रसाद © Getty
वेंकटेश प्रसाद © Getty

इन दिनों टीम इंडिया का कोच बनने के लिए कई पूर्व खिलाड़ी आवेदन दे रहे हैं। इसी बीच ये खबर थी कि पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन दिया है लेकिन प्रसाद ने इस खबर को बेबुनियाद बताया है। एक अंग्रेजी वेबसाइट से बातचीत में प्रसाद ने कहा है कि उन्होंने टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन नहीं दिया लेकिन वह असिस्टेंट कोच या बॉलिंग कोच के रोल के लिए इच्छुक हैं। प्रसाद ने कहा, “मैंने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि असिस्टेंट कोच या गेंदबाजी कोच की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। उम्मीद करता हूं कि सीएसी इसको ध्यान में ले।”

जब अनिल कुंबले टीम इंडिया के हेड कोच थे तब टीम में कोई गेंदबाजी कोच नहीं था। टीम के बैटिंग कोच संजय बांगड़ और फील्डंग कोच आर. श्रीधर का अनुबंध मार्च 2017 में खत्म हो गया था लेकिन बीसीसीआई ने सपोर्ट स्टाफ के अनुबंध को चैंपियंस ट्रॉफी तक बढ़ाने का फैसला किया और बाद में इसे वेस्टइंडीज दौरे तक बढ़ा दिया। इसके पहले हरभजन सिंह ने जहीर खान का गेंदबाजी कोच की भूमिका के लिए समर्थन किया था और रिपोर्ट में ये भी पता चला था कि कुंबले ने जहीर खान के नाम के बारे में चर्चा बीसीसीआई और सीओए से मीटिंग के दौरान 21 मई को भी की थी। [ये भी पढ़ें: टीम इंडिया से करुण नायर की हो सकती है छुट्टी?]

जैसा कि प्रसाद इस रोल के लिए बेहद इच्छुक नजर आ रहे हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में बीसीसीआई या सीएसी को कुछ नहीं लिखा है। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि वे उन्हें लिख सकते हैं। प्रसाद ने कहा, “मैं उन्हें शायद लिखूं लेकिन मैं सपोर्ट स्टाफ की जॉब के लिए बहुत इच्छुक हूं। चाहे वह रवि शास्त्री हों, सहवाग हो या कोई और, मैं असिस्टेंट कोच या गेंदबाजी कोच के रूप में जुड़ने को बेहद इच्छुक हूं। इस दौरान जितना भी अनुभव मेरे पास है मैं उसका योगदान देने की कोशिश करूंगा।”

प्रसाद, मौजूदा समय में इंडिया की जूनियर सिलेक्शन कमेटी के सदस्य हैं। यह उनका तीसरा साल है। वेंकटेश साल 2007 वर्ल्ड टी20 के दौरान टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच रहे थे। वह उत्तर प्रदेश के गेंदबाजी कोच रह चुके हैं। इसके अलावा आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के गेंदबाजी कोच रह चुके हैं। उन्होंने इंडिया अंडर-19 की भी कोचिंग की थी और उन्हें साल 2006 के वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचाया था।