भारतीय टीम ने साल 2016 में एक टीम की तरह खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है ©AFP
भारतीय टीम ने साल 2016 में एक टीम की तरह खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है ©AFP

भारतीय टीम साल 2016 में अपने शानदार खेल को जारी रखते हुए एशिया कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मेजबान बांग्लादेश के साथ होगा। टीम इंडिया मौजूदा समय में जिस तरह की क्रिकेट खेल रही है उसको देखते हुए बांग्लादेश कोई बहुत बड़ी चुनौती पेश नहीं दिख रहा है। लेकिन क्रिकेट के इस छोटे फॉरमेट की खासियत ही यही है कि इसमें नंबर एक टीम नहीं जीतती बल्कि जिस टीम ने उस दिन अच्छा खेल खेला वो जीतती है। बांग्लादेश के खेल में पिछले कुछ समय में काफी सुधार आया है उपर से उसको घरेलू पिचों का लाभ भी मिलेगा। इसलिये अगर देखे तो भारतीय टीम के सामने कही नहीं ठहरने वाली बांग्लादेश भी चौंकाने की क्षमता रखती है। भारतीयों टीम को अपनी मजबूती को और बढ़ाना होगा तो अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा। तो आइए जानते है भारतीय टीम की कमजोरियों और मजबूतियों के बारे में।

मजबूती:
बल्लेबाजी हमेशा ही भारतीय टीम का मजबूत पक्ष रहा है लेकिन मौजूदा समय में गेंदबाजी भी भारतीय टीम की मजबूती बन कर उभरी है। बांग्लादेश को अगर एशिया कप जीतना है तो भारतीय टीम की इन मजबूतियों को उनकी कमजोरी कड़ी साबित करना होगा।

1.बल्लेबाजी:

भारतीय टीम की जीत में विराट कोहली और रोहित शर्मा योगदान दे रहे हैं ©PTI
भारतीय टीम की जीत में विराट कोहली और रोहित शर्मा योगदान दे रहे हैं ©PTI

विराट कोहली, रोहित शर्मा 2016 में भारतीय बल्लेबाजी के आधारस्तंभ बनकर उभरे हैं। दोनों ही बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए रनों की बरसात की है। रोहित इस साल टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं तो विराट रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। अगर इन दोनों में से कोई भी बल्लेबाज फाइनल में टिक गया तो बांग्लादेश के लिए मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा। फाइनल से ठीक पहले युवराज सिंह का फॉर्म में आ जाना बांग्लादेश के लिए बुरी खबर है तो भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर है। युवराज के रंग में आने से भारतीय मध्यक्रम काफी मजबूत हो गया है। रैना ने भी बल्ले से जरूरत पड़ने पर रन बनाए हैं। धोनी को हालांकि बहुत ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला है। हार्दिक पांड्या तेज रन बनाकर कर टीम की बल्लेबाजी को और ताकतवर बना देते हैं। ALSO READ: रंग में लौटते युवराज सिंह
2. गेंदबाजी:

रविचन्द्रन अश्विन से निपटना बांग्लादेश के बल्लेबाजी के लिए चुनौती होगी © Getty Images
रविचन्द्रन अश्विन का सामना करना बांग्लादेश के बल्लेबाजी के लिए चुनौती होगी © Getty Images

जो तेज गेंदबाजी साल की शुरूआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कमजोरी थी, वो टीम की मजबूती बन गई है। आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह जिस तरह की गेंदबाजी कर रहे हैं, उससे बांग्लादेश को संभल कर रहना होगा। हार्दिक पांड्या तीसरे सीमर के रूप में अच्छे दिख रहे हैं। पिछले मैचों में पांड्या ने 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार निकाल कर बल्लेबाजों को चौंकाया है। रविचन्द्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा ने स्पिन गेंदबाजी की कमान अपने हाथों में ले रखी है। दोनों का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है। धोनी अगर गेंदबाजी में परिवर्तन करना भी चाहे तो स्पिन के लिए हरभजन और तेज गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार का विकल्प रहेगा। दोनों ने यूएई के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर भारत की बेंच स्ट्रेंथ की मजबूती का परिचय दिया था। ALSO READ: रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना कितनी मजबूत भारतीय बल्लेबाजी

कमजोरी:
मौजूदा भारतीय टीम की कमजोरियों पर नजर डाले तो कोई खास कमजोरी नहीं दिखती। अगर बल्लेबाजी में कमजोरी की बात करें तो शिखर धवन के बल्ले से रन ना निकलना और रोहित शर्मा और विराट कोहली पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता भारतीय टीम को महंगी पड़ सकती है। हालांकि युवराज सिंह ने फॉर्म में आकर भारत को इस समस्या से भी लगभग निजात दिला दिया है। ALSO READ: स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर के रूप में उम्मीद जगाते हार्दिक पांड्या

गेंदबाजी की बात करें तो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में कोई लूप होल नजर नहीं आता। सभी गेंदबाजों ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया है। यहां तक के भारतीय टीम के पॉर्ट टाइम गेंदबाजों ने प्रभावित करने वाली गेंदबाजी की है।

ऐसे में बांग्लादेश भारतीय की कमजोरियों के सहारे जीत हासिल नहीं कर सकता। बांग्लादेश को अगर एशिया कप का खिताबा जीतना है तो उसको आश्चर्यचकित करने वाला प्रदर्शन करना पड़ेगा या फिर बांग्लादेश को प्रार्थना करनी होगी कि 6 मार्च का दिन भारतीय टीम के खराब दिन हो।