इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें एडिशन का आयोजन 19 सितंबर से यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE)में कराया जाना तय हुआ है, हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)अब भी केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले के मूल याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा (Aditya Verma) ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) से लुभावनी टी20 लीग को यूएई के बजाय भारत में आयोजित करने का अनुरोध किया क्योंकि यह अरब देश भी कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic)से सुरक्षित नहीं है.

यूएई ने अपने बड़े रग्बी सेवंस टूर्नामेंट को किया स्थगित

वर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘दुबई रग्बी सेवंस यूएई में बड़ा टूर्नामेंट है और उन्होंने उसे भी स्थगित कर दिया है जबकि इसका आयोजन नवंबर में किया जाना था. इसलिए हम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 13) को यूएई में कैसे ले जा सकते हैं. मैंने दादा (गांगुली) को इसके बारे में लिखा है और उनसे अनुरोध किया है कि आईपीएल भारत में ही कराया जाए.’

‘मुंबई जैसे शहर में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल बनाया जा सकता है’

भारत में सक्रिय मामलों की संख्या पांच लाख से अधिक है जबकि 36,000 से ज्यादा लोगों की जान कोविड-19 से जा चुकी है. वर्मा का कहना है कि मुंबई जैसे शहर में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल बनाना यूएई के तीन शहरों में इसे बनाने से ज्यादा आसान होगा.

उन्होंने सुझाव दिया, ‘वे मुंबई में इसे सर्वश्रेष्ठ तरीके से करने की कोशिश तो कर ही सकते हैं.’ जब उनसे पूछा गया कि विदेशी खिलाड़ी भारत में आने को लेकर चिंतित होंगे जबकि दुबई में ऐसा नहीं होगा जहां कोविड-19 संक्रमितों की संख्या एक लाख से कम है तो उन्होंने कहा कि बीसीसीआई इसे भारतीय खिलाड़ियों के साथ ही क्यों नहीं करा लेता.

‘विदेशी खिलाड़ियों के बगैर आयोजित IPL 2020 का आयोजन करे बीसीसीआई’

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास लीग में 60 से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी हैं. अगर वे आने के लिए तैयार नहीं है तो हम उनकी जगह भारतीय खिलाड़ियों को खिला सकते हैं.’