ICC World Cup 2011 hero Yuvraj Singh announces retirement from International cricket

भारतीय क्रिकेट टीम को 28 साल बाद विश्व कप जिताने वाले स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह ने आज अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। साल 2017 से टीम इंडिया से बाहर चले युवराज ने 19 साल भारतीय क्रिकेट की सेवा करने के बाद आखिरकार इस खेल को अलविदा कह दिया।

भारत में आयोजित हुए 2011 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने टूर्नामेंट की 8 पारियों में कुल 362 रन बनाने के साथ 9 मैचों में 15 विकेट भी लिए थे। 3 अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ वनडे मैच से भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले युवराज ने 304 वनडे में 8,701 रन बनाए हैं।

युवराज ना केवल क्रिकेट के मैदान पर बल्कि उसके बाहर भी फाइटर रहे। विश्व कप 2011 के दौरान युवराज को पता चला कि उन्हें कैंसर की भयानक बीमारी है। मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच जीतने के बाद युवराज अपने इलाज के लिए लंदन गए। क्रिकेट के मैदान की तरह उन्होंने कैंसर के खिलाफ लड़ाई भी जीती और कई लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने।

युवराज ने भारतीय टीम के लिए 40 टेस्ट मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 1,900 रन बनाए। हालांकि वो क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में कभी फिट नहीं हुए। लेकिन टी20 फॉर्मेट युवी को बेहद पसंद है। 2007 टी20 विश्व में स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ युवराज के छह गेंदो पर लगाए छह छक्के हर भारतीय फैंस को याद है। युवराज ने 58 टी20 मैचों में कुल 1,177 रन बनाने के साथ 28 विकेट भी लिए हैं। युवी के नाम इंडियन प्रीमियर लीग में दो हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड भी है। युवराज सिंह ने इंडियन प्रीमियर लीग से भी संन्यास लेने का ऐलान किया है।

पंजाब के इस खिलाड़ी के संन्यास का अनुमान पिछले कुछ समय ले लगाया जा रहा था। जिस पर आज इस क्रिकेटर ने मुहर लगा दी। युवराज को अपने शानदार करियर से शायद ही कोई शिकायत हो लेकिन फैंस को 2019 विश्व कप में उन्हें ना देख पाने का दुख जरूर है।