भारतीय टीम © IANS
भारतीय टीम © AFP

भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज के आखिरी मैच के साथ ही इंग्लैंड का भारत दौरा खत्म हो गया। यह दौरा इंग्लैंड के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। पहले टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप, उसके बाद वनडे और फिर टी20 सीरीज में भी 2-1 से हार। बैंगलुरु में खेला गया आखिरी टी20 मैच 75 रनों से जीतकर भारत ने इस दौरे को खत्म किया। महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना के शानदार अर्धशतकों से भारत ने रिकॉर्ड 202 का स्कोर खड़ा किया। जिसके जवाब में मेहमान टीम 127 पर ही ऑल आउट हो गई, जिसका श्रेय जाता है टीम इंडिया के युवा सदस्य यजुवेंद्र चहल को जिन्होंने छह विकेट लेकर टी20 प्रारुप में इतिहास बना दिया। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड तीसरे टी20I की 8 बातें जो मैच में छाई रहीं

भारत के द्वारा दिए गए 203 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरुआत खराब रही और दूसरे ओवर में ही चहल ने सैम बिलिंग्स 0(1) को आउट कर दिया। इस समय इंग्लैंड का स्कोर 8 रन था। लेकिन इस विकेट के गिरने के बाद जैसन रॉय और जो रूट ने पावरप्ले में जबरदस्त हिटिंग की और 6 ओवरों में 50 रन पूरे किए। पावरप्ले के तुरंत बाद कोहली ने मिश्रा को गेंदबाजी आक्रमण पर लगाया और उन्होंने अपनी दूसरी ही गेंद पर जेसन रॉय 32(23) को धोनी के हाथों झिलवाते हुए टीम इंडिया को 55 रनों के योग पर दूसरा विकेट दिलवा दिया। इसके कुछ ओवरों बाद तक अमित मिश्रा व अन्य गेंदबाजों की बेहतरीन गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड के बल्लेबाजों को रन बनाने में तकलीफ हो रही थी और रिक्वायर रेट 12 के ऊपर पहुंच गया।

अंततः सुरैश रैना के ओवर में इयोन मॉर्गन ने तीन छक्के जड़ते हुए 22 रन बटोर लिए और मैच में फिर से इंग्लैंड की वापसी करा दी। लेकिन मिश्रा ने अगले ओवर में फिर से रन खर्च नहीं किए और दबाव वापस इंग्लैंड टीम पर बना दिया। मिश्रा ने अपने 4 ओवरों के स्पैल में 23 रन देकर 1 विकेट लिया। मिश्रा के ओवर खत्म हो चुके थे। इसलिए दूसरे छोर से कप्तान कोहली चहल को लाए और चहल ने कमाल कर दिया। अपने एक ओवर मे ही उन्होंने ऑइन मॉर्गन 40(21) और जो रूट 42(37) को आउट कर दिया। इस तरह टीम इंडिया ने एक बार फिर से मैच में पकड़ बना ली। इसके कुछ ओवरों बाद ही जसप्रीत बुमराह ने जोस बटलर को शून्य रन पर आउट करा दिया और टीम इंडिया को जीत की ओर अग्रसित कर दिया।

इसके बाद चहल गेंदबाजी के लिए आए और उन्होंने अपने एक ओवर में ही तीन विकेट ले डाले और इंग्लैंड टीम का स्कोर 16 ओवरों में 127/8 हो गया। चहल ने 25 रन देकर 6 विकेट निकाले। एक टी20I पारी में पांच विकेट हॉल लेने वाले चहल पहले भारतीय गेंदबाज बने। इसके बाद 17वें ओवर की पहली गेंद पर बुमराह ने प्लंकेट को बोल्ड कर दिया और इंग्लैंड के 127 पर 9 विकेट गिरा दिए। तीसरी गेंद पर मिल्स को कोहली के हाथों झिलवाते हुए बुमराह ने मैच में अपना तीसरा विकेट लिया और इंग्लैंड को 127 रनों पर ऑलआउट कर दिया। इस तरह से टीम इंडिया ने 75 रनों से मैच जीत लिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही और एक मुश्किल रन लेने के प्रयास में विराट कोहली 2(4) रन आउट हो गए। कोहली के जल्दी आउट होने से अगले दो ओवरों तक रन रेट पर अंकुश लग गया और शुरुआती 2.5 ओवरों में 11 रन ही बने थे। ऐसे में लग रहा था कि टीम इंडिया के लिए मुसीबत खड़ी होने वाली है। तीसरे नंबर पर सुरेश रैना आए। रैना ने आते ही अच्छे हाथ दिखाए और पहले तो बेन स्टोक्स के ओवर में छक्का जड़ा और बाद में क्रिस जॉर्डन के ओवर में दो छक्के जड़ दिए। इस तरह टीम इंडिया का रन रेट एकदम से सही हो गया। सातवें ओवर में राहुल अपनी क्रीज से बाहर निकले और मोईन अली की गेंद पर 98 मीटर का छक्का जड़ दिया। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई। जब दोनों अच्छे स्विंग में खेल रहे थे। तभी कप्तान मॉर्गन ने बेन स्टोक्स को आठवें ओवर में गेंदबाजी आक्रमण पर लगा दिया और उन्होंने अपनी दूसरी गेंद पर ही राहुल को बोल्ड कर दिया। राहुल ने 18 गेंदों में 22 रन बनाए। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, तीसरा टी20I, बेंगलुरू(लाइव ब्लॉग)]

मध्यक्रम में कोहली ने बड़ा परिवर्तन किया और चौथे क्रम में युवराज की बजाय धोनी को भेजा। धोनी ने आते ही बड़े स्ट्रोक जड़ने शुरू किए और रैना का अच्छा साथ निभाया। धोनी ने तीसरे विकेट के लिए रैना के साथ अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। रैना तूफानी नजर आए और अपने अर्धशतक में 5 छक्के जड़ दिए। वह अर्धशतक जड़ने के थोड़ी देर बाद 45 गेंदों में 63 रन बनाकर आउट हुए। इस मैच में रैना ने टी20 में अपने 250 छक्के भी पूरे किए। टी20 क्रिकेट में 250 से ज्यादा छक्के जड़ने वाले वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। उनके आगे रोहित शर्मा हैं जिनके नाम 254 छक्के हैं। इस दौरान सबसे दिलचस्प बात ये रही कि रैना ने छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया।

रैना के आउट होने के बाद धोनी और युवराज सिंह ने मोर्चा संभाला। धोनी ने अपनी चतुराई का अच्छा परिचय दिया और गैप में स्ट्रोक खेलकर चौके जड़े। जिससे फील्डर और गेंदबाज दोनों परेशान नजर आए। इसके बाद धोनी ने पारी के 18वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया। धोनी का टी20I क्रिकेट में ये पहला अर्धशतक है। इसके पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 49* था। धोनी ने अपने अर्धशतक के 32 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने चार चौके और दो छक्के जड़े। इसके बाद पारी के 18वें ओवर में युवराज सिंह ने जॉर्डनके ओवर में तीन छक्के और एक छक्का जड़ते हुए 23 रन बटोरे। अंततः युवराज को मिल्स ने आउट किया। युवी ने 10 गेंदों में 27 रन बनाए। धोनी 20वें ओवर में एक चौका जड़ने के बाद 56 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके और दो छक्के जड़े। अंतिम गेंदों पर हार्दिक पांड्या ने छक्का जड़ा और टीम इंडिया को 200 के पार पहुंचाया। पांड्या अंतिम गेंद पर 4 गेंदों में 11 रन बनाकर रन आउट हो गए।