युवराज ने भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मैच में 6 छक्के जड़े थे © Getty Images
युवराज ने भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मैच में 6 छक्के जड़े थे © Getty Images

क्रिकेट को भले ही भद्रजनों का खेल कहा जाता हो लेकिन क्रिकेट का खेल एक ऐसा खेल है जहां सहानभूति की कोई जगह नहीं होती। क्रिकेट कभी-कभी हमें ऐसे पल दिखाता है जिसे देखकर हमें ऐसा लगता है कि काश ऐसा न हुआ होता। कभी-कभी हम अपनी टीम का समर्थन करते हुए विपक्षी टीम का समर्थन करने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि क्रिकेट के खेल के साथ हमारी भावनाएं जुड़ी होती हैं। लेकिन मैच के दौरान न तो गेंदबाज बल्लेबाज पर रहम खाता है और न बल्लेबाज गेंदबाजों पर कोई तरस दिखाता है। आज हम आपको बताएंगे क्रिकेट इतिहास के वो सबसे महंगे ओवर जिसमें बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। तो आइए नजर डालते हैं, ऐसे ही 11 सबसे महंगे ओवरों पर।

11. रैफी गोमेज: केरला बनाम हैदराबाद (35 रन)

केरला के रैफी गोमेज बैटिंग ऑलराउंडर हैं। गोमेज ने लिस्ट ए मैच में हैदराबाद के गेंदबाज रवि तेजा के ओवर को जमकर धुना। चेन्नई में साल 2010 में खेले गए इस मुकाबले में गोमेज ने रवि तेजा के ओवर में पांच शानदार छक्के, और एक चौका लगाया, रवि तेजा ने उस ओवर में एक गेंद वाइड भी फेंकी थी, जिससे ओवर में रनों की संख्या 35 पहुंच गई थी।

10. थिसारा परेरा: श्रीलंका बनाम दक्षिण अफ्रीका (35 रन)

श्रीलंका के धाकड़ बल्लेबाज थिसारा परेरा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने कई बार श्रीलंका के लिए तेज तर्रार पारी खेली है। ऐसा ही नजारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी देखने को मिला जब परेरा ने 2013 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रॉबिन पीटरसन के एक ओवर में 35 रन धुन दिए। परेरा ने पीटरसन के ओवर में पहली गेंद पर 6, दूसरी गेंद पर 6, तीसरी गेंद वाइड, तीसरी गेंद फिर 6, चौथी गेंद 6, पांचवीं गेंद 4 और आखिरी गेंद पर 6 रन बटोरे।

9. सर गारफील्ड सोबर्स: नॉटिंघमशायर बनाम ग्लैमोर्गेन (36 रन)

सर गारफील्ड सोबर्स ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने एक ओवर की छह गेंदों पर छह छक्के लगाए हैं। सोबर्स ने कारनामा 31 अगस्त 1968 में प्रथम श्रेणी मैच के दौरान किया। सोबर्स जो कि नॉटिंघमशायर के कप्तान थे उन्होंने ग्लैमोर्गेन के खिलाफ छह गेंदों पर छह छक्के लगा डाले। छह छक्के खाने वाले पहले गुर्भाग्यशाली गेंदबाज का नाम था मैल्कम नेश। एक ओवर में छह छक्के के रिकॉर्ड ने 57 साल पुराने 34 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था।

8. रवि शास्त्री: मुंबई बनाम बड़ौदा (36 रन)

साल 1985 में मुंबई की तरफ से खेलते हुए रवि शास्त्री ने भी छह गेदों पर छह छक्के लगाने का कीर्तिमान दोहरा डाला, सर गारफील्ड सोबर्स के बाद रवि शास्त्री ने भी प्रथम श्रेणी के एक मैच में लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगा डाले। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए प्रशम श्रेणी के एक मैच में गेंदबाद तिलक रात के ओवर में गेंद को लगातार छह बार उड़ते-उड़ते बाउंड्री के बाहर भेजा। ये प्रथम श्रेणी मैच में ऐसा दूसरा मौका था।

7. हरशल गिब्स: दक्षिण अफ्रीका बनाम नीदरलैंड (36 रन)

दक्षिण अफ्रीका के धाकड़ सलामी बल्लेबाज हरशल गिब्स ने विश्व कप में 6 छक्के लगाकर इतिहास रच दिया। गिब्स ने ये कारनामा 2007 के विश्व कप में नीदरलैंड के खिलाफ किया। सेंट किट्स के मैदान पर खेले गए विश्व कप के मैच में गिब्स ने नीदरलैंड के गेंदबाज डीएलएस वैन बंग के एक ओवर में छह गेंदों पर छह छक्के लगाए। गिब्स के इस कारनामे के बाद एक चैरिटी को एक मिलियन डॉलर का फायदा हुआ था, क्योंकि जॉनी वॉकर ग्रुप ने कहा था कि अगर कोई बल्लेबाज छह गेंदों पर छह छक्के लगाएगा तो चैरिटी को वह एक मिलियन डॉलर देंगे।

6. युवराज सिंह: भारत बनाम इंग्लैंड (36 रन)

मार्च 2007 में खेले गए पहले टी-20 विश्व कप में युवराज सिंह ने छह गेंदों पर छह छक्के लगातार लगाकर यह उपलब्धि अपने नाम की। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में युवराज ने कारनामा किया। युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड की छह गेंदों को लगातार छह बार स्टेडियम के बाहर भेजा। युवराज ने इस मुकाबले में सिर्फ 12 गेंदों पर अर्धशतक जड़ रिकॉर्ड बना दिया। मैच के बाद काफी दिनों तक स्टुअर्ट ब्रॉड संभल नहीं पाए थे। युवराज की बदौलत भारत ने टी-20 के पहले संस्करण को जीतने में कामयाबी पाई थी।

5. क्रिस गेल: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम कोच्चि टस्कर्स केरला (37 रन)

आईपीएल 2011 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की तरफ से खेलते हुए क्रेस गेल ने अपने बल्लेो से धमाल मचा दिया, गेल ने कोच्चि टस्कर्स केरला के खिलाफ एक ओवर में 37 रन ठोक डाले, जिसमें 36 रन उनके बल्ले से और एक अतिरिक्त के रूप में था।

क्रिस गेल ने कोच्चि के गेंदबाज पी परमेश्वरम के ओवर में पहली गेंद पर छक्का, दूसरी गेंद नो बॉल जिसमें फिर छक्का, दूसरी गेंद चौका, तीसरी गेंद फिर चौका, चौथी गेंद छक्का, पांचवीं गेंद फिर छक्का, अंतिम गेंद पर चौका जड़ा था। उस मैच में क्रिस गेल की बल्लेबाजी देखने आए दर्शकों का गेल ने अंत तक मनोरंजन किया था।

4. स्कॉट स्टाइरिस: ससेक्स बनाम ग्लूस्टरशायर (38 रन)

साल 2012 में ससेक्स की तरफ से खेलते हुए स्कॉट स्टाइरिस ने जेम्स फुलर जो कि ग्लूस्टरशायर की तरफ से खेल रहे थे उनके ओवर में 38 रन ठोक डाले। फुलर ने अपने ओवर में दो नो बॉ फेंकी जिसमें से एक बाई के रूप में बाउंड्री के बाहर चली गई। स्टाइरिश ने इस ओवर में दो चौके और तीन शानदार छक्के जड़कर ओवर में रनों की संख्या 38 पहुंचा दी।

3. एंड्रू फ्लिनटफ: लैंकशायर बनाम सरे

1998 में प्रशम श्रेणी के मैच में फिर से एक बार इतिहास बना। लेकिन ये इतिहास इस बार छह छक्कों का नहीं बल्कि ओवर में 38 रनों का था। सरे की तरफ से खेलते हुए एंड्रू फ्लिनटफ ने लैंकशायर के गेंदबाज एलेक्स ट्यूडर के ओवर में जमकर रन बटोरे। ट्यूडर की पहली गेंद नो बॉल, पहली पर छक्का, दूसरी पर चौका, तीसरी पर फिर चौका, चौथी पर फिर से चौका, पींचवीं गेंद नो, पांचवीं गेंद पर चौका, अंतिम गेंद पर छक्का और दो नो बॉल फेंकीं। तो इस प्रकार फ्लिनटफ ने ओवर में कुल 38 रन बटोरे।

2. एल्टन चिगंबरा: शेख जमाल बनाम अबहानी लिमिटेड (39 रन)

जिम्बाब्वे टीम के कप्तान एल्टन चिगंबरा ने लिस्ट ए के मैच में एक ओवर में 39 रन बटोरकर इतिहास रच दिया था। चिगंबरा ने साल 2013 में ढाका में खेले गए मुकाबले में अबहानी लिमिटेड के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए ओवर में 32 रन अपने बल्ले से तो 7 रन अतिरिक्त के रूप में मिले। चिगंबरा ने अलाउद्दीन बाबू की पहली गेंद पर नो बॉल चौका, पहली गेंद वाइड, पहली गेंद छक्का, दूसरी गेंद चौका, तीसरी गेंद छक्का, चौथी गेंद चौका, पांचवीं गेंद छक्का, छठी गेंद वाइड, अंति गेंद पर छक्का लगाते हुए ओवर में कुल 39 रन बटोल डाले।

1. हार्दिक पांड्या: बड़ौदा बनाम दिल्ली (39 रन)

भारत के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने टीम में आने से पहले ही इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं। बड़ौदा की तरफ से खेलते हुए सैय्यद मुश्ताक अली टी-20 टूर्मामेंट के एक मुकाबले में दिल्ली के गेंदबाज आकाोश सूडान के ओवर में पांछ छक्के और एक चौका जड़ा, सूडान ने अपने ओवर में एक नो बॉल और 4 रन बाई के रूप में दिए, जिससे ओवर में कुल 39 रन बने।