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World Cup, South Africa Review: फिर एक बार चोकर्स का टैग हटा पाने में विफल रहा अफ्रीका

World Cup, South Africa Review: फिर एक बार चोकर्स का टैग हटा पाने में विफल रहा अफ्रीका

साउथ अफ्रीका की टीम विश्‍व कप में नौ मैचों में केवल तीन में ही जीत दर्ज करने में कामयाब रही।

Updated: July 12, 2019 9:30 PM IST | Edited By: Sandeep Gupta
फाफ डु प्‍ल‍ेसिस की कप्‍तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने विश्‍व कप जीत का सपना लेकर इंग्‍लैंड की धरती पर कदम रखा था। एक के बाद एक शुरुआती तीन मैच में हार ने टीम के हौंसलों को धराशाही कर दिया। विश्‍व कप की शुरुआत में ही अफ्रीकी टीम डेल स्‍टेनकगीसो रबाडा और लुंगी एंगिडी जैसे दिग्‍गज तेज गेंदबाजों की चोट के  चलतेे अधूरी नजर आई। रही कही कसर टीम के साथ जुड़े विवादों ने पूरी कर दी।

पहले एबी डीविलिर्स के वर्ल्‍ड कप स्‍क्‍वाड में वापसी के प्रस्‍ताव को लेकर मीडिया में खूब हो हल्‍ला हुआ। रबाडा की चोट पर आए फाफ डु प्‍लेसिस के बयान ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। डुप्‍लेसिस ने कहा था कि रबाडा को आईपीएल नहीं खेलने की सलाह दी गई थी। हम उन्‍हें आईपीएल खेलने से रोकने में कामयाब नहीं हो पाए। आलम यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका की टीम महज तीन मुकाबले ही जीत पाई और उसे विश्‍व कप में अपना सफर प्‍वाइंट्स टेबल में 7वें स्‍थान पर रहते हुए खत्‍म करनाा पड़ा।

विश्‍व कप में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन

कुल मैच:     9

जीते:           3

हारे:            5

बेनतीजा:    1

प्‍वाइंट्स:    7

..सकारात्‍मक पहलू

वैसे तो अफ्रीकी टीम के लिए यह विश्‍व कप कुछ खास अच्‍छा नहीं रहा, लेकिन खराब शुरुआत के बाद टीम ने अपने अंतिम दो मैचों में शानदार जीत दर्ज की। साउथ अफ्रीका ने पहले श्रीलंका को नौ विकेट से हराया। फिर ऑस्‍ट्रेलिया पर 10 रन से जीत दर्ज कर डु प्‍लेसिस ने यह बता दिया कि उनकी टीम केवल बुरे वक्‍त का शिकार हुई है। टीम में अब भी पहले जैसा दमखम बरकरार है। रासी वान डेर डुसेन ने वर्ल्‍ड कप के दौरान कुल 311 रन बनाए। वो दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्‍तान के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। इस प्रदर्शन के दम पर ही डुसेन आईसीसी वनडे रैंकिंग मे अब टॉप 30 में शुमार हो गए हैं।

..नकारात्‍मक पहलू

स्‍टार गेंदबाज डेल स्‍टेन का चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा झटका था। चोट के चलते लुंगी एंगिडी विश्‍व कप में महज चार मैच ही खेल पाए। वर्ल्‍ड कप का आगाज 30 मई को इंग्‍लैंड और साउथ अफ्रीका के मैच के साथ हुआ, जिसमें मेहमान टीम को 104 रन से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को बांग्‍लादेश को हराकर वापसी की उम्‍मीद थी, लेकिन इस मुकाबले में भी टीम को 21 रन से पराजय झेलनी पड़ी। पांच जून को भारत ने अफ्रीकी टीम को मात देकर लगातार तीसरी हार झेलने पर मजबूर किया।

फाफ डु प्‍लेसिस की कप्‍तानी

अगर कप्‍तानी की बात की जाए तो फाफ डु प्‍ल‍ेसिस ने विश्‍व कप के दौरान ये जिम्‍मेदारी काफी अच्‍छे से संभाली। बड़े खिलाड़ियों के चोटिल और आउट ऑफ फॉर्म होने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। डु प्‍लेसिस अपने दम पर टीम को आगे ले जाने का प्रयास करते रहे, लेकिन टीम की नैया पार लगाने के लिए केवल एक या दो खिलाड़ियों का अच्‍छा प्रदर्शन करना काफी नहीं है।

अमला- डुमिनी ने किया निराश

चोकर्स के नाम से बदनाम दक्षिण अफ्रीका को सलामी बल्‍लेबाज हाशिम अमला और स्‍टार खिलाड़ी जेपी डुमिनी की खराब फॉर्म का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। अमला आठ मैचों में खेले जिसमें उनके बल्‍ले से महज दो अर्धशतक निकले। डुमिनी भी टूर्नामेंट के दौरान महज 70 रन ही बना पाए।

विश्‍व कप से जुड़े आकड़े

सर्वाधिक रन: कप्‍तान फाफ डु प्‍लेसिस ने विश्‍व कप में नौ मैचों में दक्षिण अफ्रीका के लिए सर्वाधिक 64.50 की औसत से 387 रन बनाए।

सर्वाधिक विकेट: क्रिस मॉरिस ने आठ मैचों में 5.35 की इकनॉमी और 26.23 की औसत से 13 विकेट निकाले।
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