भारत बनाम न्यूजीलैंड © IANS
भारत बनाम न्यूजीलैंड © IANS

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का चौथा वनडे मैच रांची में खेला गया। रांची में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया को 19 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली है। सीरीज का अंतिम मुकाबला 29 अक्टूबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। चौथे वनडे में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम ने 50 ओवरों में 7 विकेट पर 260 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया 241 रनों पर ढेर हो गई। भले ही टीम इंडिया ये मैच हार गई हो लेकिन कुछ चीजें भारतीय टीम के लिहाज से इस मैच में बहुत अच्छी साबित हुईं। क्या हैं ये बातें, आइए जानते हैं।

1. विराट कोहली ने पूरे किए 700 चौके: विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रांची में खेले जा रहे चौथे वनडे मैच में अपना पहला चौका जड़ने के साथ ही खुद को 700 चौके जमाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल कर लिया। विराट ने चौथे वनडे में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर चौका जड़ने के साथ ही यह मुकाम अपने नाम किया। कोहली चौथे वनडे में 45 रन बनाकर आउट हुए और इस दौरान उन्होंने 2 चौके जमाए और इस तरह उनके चौकों की संख्या 701 हो गई है। मौजूदा भारतीय टीम में उनके अलावा कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ही ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने 700 चौके जड़े हैं।  [Also Read: भारत बनाम न्यूजीलैंड, चौथा वनडे फुल स्कोरकार्ड]

धोनी ने इसी सीरीज के तीसरे मुकाबले में यह कीर्तिमान हासिल किया था। धोनी अब तक 281 वनडे मैचों में 701 चौके जमा चुके हैं। अगर वनडे में सबसे ज्यादा चौके जमाने वाले खिलाड़ियों की बात की जाए तो यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन तेंदुलकर ने 463 वनडे मैचों में कुल 2016 चौके जमाए हैं। दूसरे नंबर पर श्रीलंका के विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम है। जयसूर्या ने 445 वनडे मैचों में कुल 1500 चौके विरोधी गेंदबाजों को लगाए हैं। नंबर तीन पर श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगाकारा हैं। 404 वनडे मैचों में उनके बल्ले से 1385 चौके निकले हैं। 1,000 से ज्यादा चौके जमाने वाले दो अन्य भारतीय बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग और सौरव गांगुली हैं। सहवाग 1132 और गांगुली 1122 चौकों के साथ छठें और सातवें पायदान पर हैं। विराट कोहली जिस तरह की क्रिकेट खेल रहे हैं वह जल्द ही 1,000 चौके जमाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।

2. अजिंक्य रहाणे लौटे फॉर्म में: पिछले कुछ समय से अजिंक्य रहाणे लगातार खराब फॉर्म में चल रहे थे। लेकिन रांची वनडे में उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और 70 गेंदों में 57 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ स्ट्रोक खेले और पूरे विश्वास में नजर आए। रांची वनडे के पहले रहाणे पिछले पांच मैचों में लगातार सस्ते पर आउट हो रहे थे और इस दौरान उका सर्वोच्च स्कोर 33 रन रहा था, लेकिन रांची वनडे में फॉर्म में वापसी करते हुए उन्होंने इस सिलसिले को तोड़ दिया। अंतिम वनडे और इस सीरीज का फाइनल मुकाबला विशाखापत्तनम में 29 अक्टूबर को खेला जाना है। ऐसे में रहाणे की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

3. एमएस धोनी ने कई रिकॉर्ड किए अपने नाम: रांची वनडे में उतरने के साथ ही एमएस धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम की सबसे ज्यादा अगुआई करने वाले कप्तान बन गए। धोनी ने इस मैच के साथ न्यूजीलैंड के खिलाफ 17 मैचों में कप्तानी पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने सौरव गांगुली के 16 मैचों में कप्तानी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। लेकिन अभी भी वह अजहरुद्दीन के पीछे हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में न्यूजीलैंड के खिलाफ 25 वनडे खेले हैं। साथ ही अपने घरेलू मैदान पर कप्तानी करने वाले वह ही अकेले भारतीय कप्तान हैं। यहां अभी तक 4 वनडे और 1 टी20 मैच खेला गया जो धोनी की कप्तानी में खेले गए है। साथ ही धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अजहरुद्दान के रनों के रिकॉर्डो को तोड़ दिया। धोनी के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 682 रन हैं। जबकि न्यूजीलैंड के 678 रन थे। कुल मिलाकर न्यूजीलैंड के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने के मामले में धोनी तीसरे स्थान पर हैं। उनके आगे रिकी पोंटिंग(1440) और ग्रेग चैपल(713) हैं।