आईपीएल टी20
आईपीएल टी20

दर्शकों के सर से अभी टी20 वर्ल्ड कप 2016 का खुमार उतरा भी नहीं था कि 9 अप्रैल से फटाफट क्रिकेट के एक और मेगा शो IPL 8 की शुरुआत होने जा रही है। IPL का नाम सुनते ही ज़ेहन में चौके-छक्कों की बारिश, ग्लैमर का तड़का, बॉलीवुड की चकाचौंध उभरकर सामने आ जाती है। IPL ने फटाफट क्रिकेट को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया है। हर चौके-छक्कों पर चीयर लीडर्स के ठुमकों पर झूमते दर्शक, मैदान में बॉलीवुड सितारों से लेकर वीवीआईपी की मौजूदगी दर्शकों के रोमांच को और बढ़ा देती है। और शायद यही कारण है कि IPL आज दुनिया के बेस्ट स्पोटर्स लीग में से एक बन चुका है, लेकिन विवाद भी एक ऐसा पहलू है जो IPL से अछूता नहीं रहा। जब से यह टूर्नामेंट शुरू हुआ है तब से इसका और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है। IPL सीज़न 1 से शुरू हुआ विवाद IPL सीज़न 7 तक जारी रहा। स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाजी से लेकर खिलाड़ियों की गिरफ्तारी तक, एन श्रीनिवासन की BCCI अध्यक्ष पद से छुट्टी से लेकर हरभजन सिंह के श्रीसंथ को थप्पड़ मारने तक ये कुछ ऐसी घटनाएं रहीं जिसकी वजह से IPL विवादों में रहा। आइए आपको रूबरू करवाते हैं IPL में अब तक के विवादों से। ये भी पढ़ें: आईपीएल9(प्रिव्यू): गुजरात लायंस टीम की कमजोरी और मजबूती का जायजा

IPL-2008 सीजन-1

साल 2008 में शुरू हुए IPL में 8 टीमों ने हिस्सा लिया। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न की अगुवाई में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला खिताब अपने नाम किया। लेकिन IPL के रंग में भंग तब पड़ा जब 25 अप्रैल को किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले के बाद पंजाब के खिलाड़ी श्रीसंथ को अचानक टीवी पर रोते देखा गया। खबरों के मुताबिक हरभजन ने श्रीसंथ को थप्पड़ मारा था। हरभजन को थप्पड़ कांड पर माफी के साथ 11 मैचों का प्रतिबंध भी झेलना पड़े, ज़ाहिर है हरभजन को वो एक थप्पड़ करोड़ों का पड़ा। आईपीएल9(प्रिव्यू): जानें, क्या खास है इस बार की टीम मुंबई इंडियंस में?

IPL-2009 सीजन-2

IPL का दूसरा सीजन विवादों में तब आया जब भारत सरकार ने चुनावों के मद्देनजर बीसीसीआई को IPL के लिए सुरक्षा देने से साफ इनकार कर दिया, नतीजतन आनन-फानन में बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए IPL के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित कराने का फैसला किया। डेक्कन चार्जर्स रॉयल चैलेंजर्स को हराकर दूसरे सीजन की चैंपियन बनी।

IPL-2012 सीजन-5

इस बार IPL में कुल 9 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता। लेकिन सीजन-5 भी विवादों से परे नहीं रह पाया और केकेआर टीम के मालिक और बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान कभी सिगरेट पीते नज़र आए तो कभी गार्ड से उलझते नज़र आए। नतीजतन वानखेड़े स्टेडियम में किंग खान की एंट्री पर आजीवन प्रतिबंध लग गया, हालांकि ये प्रतिबंध 2014 में केकेआर के दूसरी बार चैंपियन बनने के बाद हटा दिया गया। इसके अलावा एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में 5 खिलाड़ियों के स्पॉट फिक्सिंग में फंसने के कारण IPL की छवि को भारी नुकसान हुआ, हालांकि बीसीसीआई ने फौरन एक्शन लेते हुए सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया।

IPL-2013 सीजन-6

ये सीजन IPL का सबसे बदनाम सीजन रहा। डेक्कन चार्जर्स को बकाया पैसे का भुगतान न करने के कारण लीग से निलंबित कर दिया गया और सन राइजर्स हैदराबाद लीग में नई टीम जुड़ी। दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के श्रीसंथ, अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार किया। 30 जुलाई 2013 को बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष आदित्य वर्मा ने बीसीसीआई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। श्रीनिवासन, गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा पर स्पॉट फिक्सिंग और मैच से जुड़ी जानकारी देने के आरोप साबित हुए, मामला अभी भी कोर्ट में है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। विवादों के बीच मुंबई इंडियंस पहली बार IPL चैंपियन बनी।

IPL-2014 सीजन-7

एक बार फिर आम चुनाव के कारण लीग का शुरुआती चरण संयुक्त अरब अमीरात में खेला गया, विवादों से बचने के लिए सुनील गावस्कर को IPL का कामकाज देखने के लिए अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अदालत ने श्रीनिवासन को IPL में गड़बड़ियों के मामलों को नज़रअंदाज करने का दोषी पाया। इसी बीच एक बार फिर IPL के कार्यकारी समिति ने राजीव शुक्ला को अध्यक्ष बनाया गया।

आईपीएल का सीजन 8 वैसे तो विवादों से कोसों दूर रहा, लेकिन इसी बीच साल 2013 के विवाद ने टूर्नामेंट के तुरंत बाद एक बड़ा रूप ले लिया जब जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने आईपीएल की दो टीमों चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को उनके मालिकों के बेटिंग में शामिल होने को लेकर अगले दो साल के लिए निलंबित कर दिया। दिसंबर 2015 में इन टीमों की जगह दो नई टीमों को अगले दो सालों के लिए सम्मिलित किया गया। ये दो टीमें गुजरात लायंस और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स हैं। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इन दो नई टीमों के आने से आईपीएल में क्या तब्दिलियां देखने को मिलती हैं?