साल 2015 में केन विलियमसन गजब की फॉर्म में नजर आए © Getty Images
साल 2015 में केन विलियमसन गजब की फॉर्म में नजर आए © Getty Images

आईसीसी ने साल 2015 के लिए आईसीसी अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में एक नाम गायब है वो नाम है केन विलियमसन का। साल 2015 में विलियमसन के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए वो इस अवॉर्ड के हकदार थे। लेकिन इस क्लासिकल बल्लेबाज को शायद फैन फॉलोइंग ना होने का नुकसान उठाना पड़ा। वर्तमान क्रिकेट में आजकल हर तरफ ए.बी.डीविलियर्स, विराट कोहली, हाशिम अमला, स्टीवन स्मिथ जैसे सितारों की चर्चा हो रही है, क्योंकि इनकी बल्लेबाजी में क्रिकेट के मॉर्डन अंदाज, आक्रामकता, इनोवेशन, निरंतरता का मिश्रण है। जो इनके बल्लेबाजी के अंदाज को आकर्षक बना देता है। जिसकी वजह से ये बल्लेबाज नाम और लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। लेकिन इन सबसे अगल  केन विलियमसन नाम का एक युवा बल्लेबाज और है जो क्रिकेट की दुनिया में अपनी चमक बिखेर रहा है। मौजूदा दौर के बल्लेबाजों से बिल्कुल अलग केन विलियमसन क्रिकेट की परंपरागत बल्लेबाजी स्टाइल को पसंद करते हैं। शायद यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी में वो आकर्षण नहीं नजर आता जो मौजूदा दौर के युवा बल्लेबाजो की बल्लेबाजी में दिखाई देता है। विलियमसन रिवर्स स्वीप की बजाय क्रिकेट के कवर ड्राइव जैसे परंपरागत शाट्स खेलना ज्यादा पसंद करते हैं, वो भी रोबोटिक परफेक्शन के साथ। शायद यही कारण है कि उनकी बल्लेबाजी में क्लास तो दिखता है लेकिन अपने समकालीन युवा बल्लेबाजों स्मिथ, रूट और वार्नर जैसा आकर्षण नहीं दिखता है। क्रिकेट के इस दौर में विलियमसन अपने इसी परंपरागत अंदाज से बल्लेबाजी करते हुए अपनी राष्ट्रीय टीम न्यूजीलैंड के लिए लगातार रन बना रहे हैं। बल्कि पिछले दो साल में उनका प्रदर्शन आधुनिक दौर के बहुत से खिलाड़ियों से बेहतर है। ALSO READ: टेस्ट क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर

साल 2015 में तो विलियमसन कमाल की फॉर्म में है। विलियमसन ने इस साल टेस्ट क्रिकेट में 90 की औसत से 1172 रन बनाएं हैं। जो 1000 से ज्यादा रन बनाने वालों में साल का सबसे बेहतरीन औसत है। इस साल टेस्ट क्रिकेट में उनके बाद सबसे अच्छा औसत स्टीवन स्मिथ का है जिनका औसत 63.50 का है। इस साल रन बनाने के औसत के मामले में वो स्मिथ, रूट और वार्नर जैसे अपने साथी युवा खिलाड़ियों को काफी पीछे छोड़ देते हैं। पर्थ और ब्रिस्बेन टेस्ट में उन्होने जिस तरह की बल्लेबाजी की और शतक जमाया वो साल 2015 में उनकी क्लास और फॉर्म को डिफाइन करता है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को विलियमसन का विकेट लेने के लिये कितनी मशक्कत करनी पड़ी ये वो ही जानते होंगे।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच में रॉस टेलर के साथ केन विलियमसन ने 265 रनों की साझेदारी निभाई थी © AFP
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच में रॉस टेलर के साथ केन विलियमसन ने 265 रनों की साझेदारी निभाई थी © AFP

ऐसा नही है कि विलियमसन सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में ही सफल रहे। वनडे में भी उन्होने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के खिलाफ 2010 में वनडे करियर शुरूआत करने के बाद विलियमसन अब तक 85 मैचों में 48 की औसत से 3362 रन बना चुके हैं। 2015 में वनडे क्रिकेट में वो सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होने 26 मैचों में लगभग 58 की औसत से 1317 रन बनाएं हैं।

साल 2015 में केन विलियमसन ने वनडे क्रिकेट मेें भी जादू बिखेरा और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने © Getty Images
साल 2015 में केन विलियमसन ने वनडे क्रिकेट मेें भी जादू बिखेरा और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने © Getty Images

भारत के खिलाफ 2010 में अपने पहले ही टेस्ट में सेंचुरी लगाकर उन्होने अंतराष्ट्रीय करियर की शुरूआत तो बेहतरीन तरीके से की लेकिन जल्द ही उनको रनों के लिए संघर्ष भी करना पड़ा। अपने पहले 29 टेस्ट में उनका बल्लेबाजी औसत 36 का रहा। लेकिन अपनी मानसिक क्षमता और रन बनाने की ललक के कारण वो जल्द ही वापसी करने में सफल रहे और क्या शानदार वापसी की। 2014 की शुरूआत से ही उनके बल्ले ने रन उगलना शुरू किया जो अब तक जारी है। पहले 29 टेस्ट में जो बल्लेबाजी औसत 36 का था वो 43 टेस्ट तक 49 तक पहुंच गया और जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं जल्द ही 50 के पार पहुंचने की संभावना है। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मॉर्टिन क्रो का मानना है कि विलियमसन न्यूजीलैंड क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज बनेंगे तो पूर्व ऑलराउंडर रिचर्ड हैडली भी मॉर्टिन क्रो की इस बात से इत्तेफाक रखते हैं। अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विलियमसन की सफलता इन दोनों महान खिलाड़ियों की बात पर मुहर लगाती है। न्यूजीलैंड की पेस विकेटों पर पले बढ़े विलियमसन को एशिया की टर्निंग विकेटों पर बल्लेबाजी करना ज्यादा रास आता है। एशियाई विकेटों पर 12 टेस्ट मैचों में 1000 रन इस बात का प्रमाण है। ALSO READ: क्रिकेट की 10 अनसुनी बातें

केन विलियमसन का नाम आईसीसी अवार्ड्स लिस्ट में नही होना आश्चर्यचकित करने वाला था © Getty Images
केन विलियमसन का नाम आईसीसी अवार्ड्स लिस्ट में नही होना आश्चर्यचकित करने वाला था © Getty Images

अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर विलियमसन न्यूजीलैंड क्रिकेट का अहम हिस्सा बन चुके है, और अपने प्रदर्शन से उन्होने ये साबित भी किया है कि वो किसी भी मामले में अपने समकालीन युवा बल्लेबाजों से पीछे नहीं हैं। हां उनकी प्रतिभा को वो लोकप्रियता नहीं मिल सकी है जो उनके साथी युवा बल्लेबाजों को मिली है। आईसीसी अवार्ड्स में उनका नाम ना होना इस बात को साबित भी करता है। लेकिन क्रिकेट का तो इतिहास ही यही रहा है कि आक्रामक क्रिकेट खेलने वाले बल्लेबाजों ने परंपरागत अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले बल्लेबाजों के हिस्से की लोकप्रियता को भी अपने हिस्से में लिया है। लेकिन उम्मीद है कि विलियमसन अपनी प्रतिभा से इस चले आ रहे ट्रेंड को तोड़ेंगे और सिर्फ न्यूजीलैंड के ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी के रूप में लोकप्रियता हासिल करेंगे। ALSO READ: माराडोना और मैकेनरो जैसै हैं युवराज: कपिल देव