कर्नाटक की टीम © IANS
कर्नाटक की टीम © IANS

रणजी ट्रॉफी 2017-18 में कर्नाटक एक ऐसी टीम थी जिसे हरा पाना नामुमकिन सा लग रहा था। उसके बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही धूम मचा रहे थे। यही वजह थी की लीग मैचों में कर्नाटक ने एक भी हार नहीं झेली थी और वो 6 में से 4 जीत हासिल कर शान से सेमीफाइनल में पहुंची थी। लेकिन बड़े मैच में कर्नाटक के बल्लेबाज पूरी तरह फेल हो गए और सेमीफाइनल में उसे विदर्भ जैसी कमजोर टीम ने 5 रनों से हरा दिया। वैसे आपको बता दें कर्नाटक की इस हार पर ज्यादा हैरानी जताने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगर इतिहास के पन्नों को पलटें तो कर्नाटक ने कई बार जीते हुए मैच गंवाए हैं। आइए डालते हैं उन पर एक नजर:

1. साल 2009-10: मैसूर में खेले गए रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक की टीम महज 6 रन से हार गई थी। खिताबी मुकाबले में कर्नाटक को मुंबई ने हरा दिया था। इस मैच में मुंबई ने पहली पारी में 233 रन बनाए थे। इसके बाद कर्नाटक की टीम 130 रनों पर सिमट गई। इसके बाद दूसरी पारी में भी मुंबई की टीम 234 रनों पर ऑल आउट हो गई और कर्नाटक को 338 रनों का लक्ष्य मिला। दूसरी पारी में कर्नाटक ने जबर्दस्त बल्लेबाजी की, मनीष पांडे ने जबर्दस्त 144 रन और गणेश सतीश ने 75 रनों की पारी खेली लेकिन लक्ष्य से 7 रन पहले ही कर्नाटक की टीम 331 रनों पर ऑल आउट हो गई और खिताब भी गंवा दिया।

2.साल 2007-08- कर्नाटक ने साल 2007 में भी रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के खिलाफ महज 3 रनों की हार झेली थी। ग्रुप ए के इस मुकाबले में सौराष्ट्र ने दोनों पारियों में 245 रन बनाए और कर्नाटक की पहली पारी 226 रनों पर सिमटी और उसे 265 रनों का आसान लक्ष्य मिला। लेकिन कर्नाटक की टीम एक बार फिर लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। सी रघु के अर्धशतक के बावजूद कर्नाटक की टीम 261 रनों पर ऑल आउट हो गई और मैच हार गई।

रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर, विदर्भ ने कर्नाटक को 5 रन से हराया
रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर, विदर्भ ने कर्नाटक को 5 रन से हराया

3. साल 1992-93- मध्य प्रदेश के खिलाफ प्री क्वार्टर फाइनल में भी कर्नाटक की टीम ने जीता हुआ मैच गंवा दिया था। बेंगलुरू में खेले गए इस मैच में कर्नाटक की टीम जीत की ओर आगे थी। उसने मध्य प्रदेश के 58 रनों पर 6 विकेट गिरा दिये थे, लेकिन इसके बाद जुबेर खान और डीके निलोसे ने 102 रनों की साझेदारी कर मध्य प्रदेश का स्कोर 173 रनों तक पहुंचा दिया। आखिर मे मध्य प्रदेश ने कर्नाटक को 238 रनों का लक्ष्य दिया और कर्नाटक के साथ वही हुआ जिसके लिए वो बदनाम है। कर्नाटक की टीम 232 रनों पर ही सिमट गई और रणजी ट्रॉफी से बाहर हो गई।