On This Day: Chennai Super kings won 3rd IPL trophy after two years ban
(afp)

कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले दो महीनों से क्रिकेट जगत सुनसान है। फैंस के साथ साथ खिलाड़ियों के लिए भी ये ब्रेक झेलना मुश्किल हो रहा है लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स ने दो महीने ने नहीं बल्कि दो साल का ब्रेक झेला और उसके बाद धमाकेदार वापसी करते हुए तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता।

27 मई 2018 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में सीएसके ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर फैंस को जीत का तोहफा दिया था और सारी दुनिया को बता दिया था कि वो वापस आ चुके हैं।

फाइनल मैच से पहले समीक्षकों की भविष्यवाणियां हैदराबाद टीम के पक्ष में थी क्योंकि सीएसके पहले ही टूर्नामेट सनराइजर्स को तीन बार हरा चुकी थी लेकिन माही की सेना ने उन्हें गलत साबित किया।

वानखेड़े में उछला सिक्का कैप्टन कूल के पक्ष में गिरा और धोनी ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। चेन्नई के गेंदबाजों ने हैदराबाद टीम को 178 के स्कोर पर समेट दिया।

179 के आसान लग रहे लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की पतवार संभाली सीनियर खिलाड़ी शेन वाटसन ने। रॉयल चैलैंजर्स बैंगलोर के चेन्नई टीम में आए वाटसन ने कप्तान और टीम मैनेजमेंट से मिले पूरे समर्थन को सही साबित किया। शीर्ष क्रम बल्लेबाज वाटसन ने 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 57 गेंदो पर 11 चौके और 8 छक्कों की मदद से 117 रनों की मैचविनिंग पारी खेली। जिसके दम पर चेन्नई ने 18.3 ओवर में केवल दो विकेट खोकर 181 रन बनाए और 8 विकेट से मैच जीता।

2018 के आईपीएल सीजन में दो साल के बैन के बाद लौटी चेन्नई सुपर किंग्स का सफर टूर्नामेंट की शुरुआत के अंत तक किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। चाहे ओपनिंग मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक विकेट से मिली रोमांचक जीत हो या फिर टीम का विवाद की वजह से अपने घरेलू ग्राउंड चेपॉक छोड़कर जाना, सीएसके टीम ने पूरे टूर्नामेंट में फैंस का मनोरंजन किया। और आखिरी में ट्रॉफी जीतकर दो साल के बैन की भरपाई की।

मैच के बाद कप्तान धोनी ने कहा था कि, “आज 27 तारीख है, मेरी जर्सी का नंबर 7 है और ये हमारा सातवां फाइनल है तो जीतने के कई कारण थे।”