बॉडीलाइन सीरीज का एक नजारा, बल्लेबाज के शरीर पर गेंदबाजी करते इंग्लैंड के गेंदबाज  © Getty Images
बॉडीलाइन सीरीज का एक नजारा, बल्लेबाज के शरीर पर गेंदबाजी करते इंग्लैंड के गेंदबाज © Getty Images

वैसे तो क्रिकेट को जेंटलमेनों के खेल(शरीफ लोगों के खेल) के रूप में जाना जाता है, लेकिन अगर हम क्रिकेट के इतिहास को झांक कर देखें तो हमें ऐसी कुछ घटनाएं जानने को मिलती हैं जिसने विश्व भर की क्रिकेट बिरादरी को झकझोर के रख दिया। क्रिकेट और विवादों का नाता उतना ही पुराना है जितना कि खुद यह खेल पुराना है, क्रिकेट को शुरुआत में जुआंरियों के खेल के रूप में जाना जाता था, लेकिन क्यों? इसके बारे में आप क्रिकेट के विवादों को पढ़कर जानेंगे। क्रिकेट के विवादों से आपको रूबरू करवाते हुए हम आपका परिचय क्रिकेट के कुछ खास विवादों से करवाते हैं जिनका इतिहास में अपना महत्व बन गया। ये भी पढ़ें: जब बिली बाउडन ने क्रिकेट के मैदान पर दिखाए रेड और यलो कार्ड

1. बॉडीलाइन सीरीज: एशेज हमेशा से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण क्रिकेट श्रृंखलओं में से एक रही है। इस सीरीज को जीतने के लिए दोनों देशों की टीमें एड़ी चोटी का जोर लगा देती हैं। लेकिन एशेज 1932-33 ने दोनों देशों के बीच कड़वाहट भर दी और इस सीरीज को एक विवादित नाम ‘बॉडीलाइन सीरीज’ के नाम से जाना गया। इस सीरीज में इंग्लिश गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकने के लिए एक नया तरीका अख्तियार किया।

बॉडीलाइन सीरीज ने दोनों देशों के रिश्तों में जहर भर दिया, यहां तक की दोनों देशों के राजनैतिक संबंध भी तल्ख हो गए © Getty Images
बॉडीलाइन सीरीज ने दोनों देशों के रिश्तों में जहर भर दिया, यहां तक की दोनों देशों के राजनैतिक संबंध भी तल्ख हो गए © Getty Images

वे लगातार लेग स्टंप्स पर बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाते हुई शॉर्ट पिच गेंदें फेंकते थे। हालांकि उनकी घातक गेंदबाजी से कोई बल्लेबाज गंभीर रूप से घायल तो नहीं हुआ, लेकिन दोनों टीमों के बीच इस खराब घटना के बाद संबंध कड़वाहट में बदल गए और बाद में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में भी इसका असर देखने को मिला। ये भी पढ़ें: राजनीति की पिच पर सचिन तेंदुलकर का प्रदर्शन निराशाजनक

2. 1879 का सिडनी दंगा: क्रिकेट में अब तक हुए सबसे बड़े दंगों में से ‘सिडनी दंगा’ आज से लगभग 136 साल पहले सन् 1879 में सिडनी में इंग्लिश टीम और न्यू साउथ वेल्स की टीम के बीच खेले गए मैच के दौरान देखने को मिला था। दंगे का सबसे बड़ा कारण अंपायर का विवादित निर्णय था जिसमें उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के एक बल्लेबाज को विवादित रूप से आउट करार दे दिया था।

जो 18वीं शताब्दी में सिडनी के इस क्रिकेट मैदान में हुआ वह आज सुनने में ही अजीब लगता है (Photo courtesy: wikipedia)
जो 18वीं शताब्दी में सिडनी के इस क्रिकेट मैदान में हुआ वह आज सुनने में ही अजीब लगता है (Photo courtesy: wikipedia)

इस निर्णय ने स्टेडियम में बैठे दर्शकों को गुस्से से भर दिया और कुछ दर्शक मैदान पर ही कूद पड़े और फील्डिंग कर रहे इंग्लिश खिलाड़ियों और अंपायर को प्रताड़ित किया। यह माना जाता है कि यह दंगा कुछ जुआरियों ने भड़काया था, जिन्होंने घरेलू टीम न्यू साउथ वेल्स की तरफ से भारी पैसा लगाया था। ऐसे में जब इंग्लिश टीम जीतने के बेहद करीब थी तो उन्होंने मैच में ही दंगा करवा दिया।

3. ओवल टेस्ट की असफलता, हिलाया क्रिकेट जगत को: यह बात 20 अगस्त 2006 की है जब इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच ओवल में चौथा क्रिकेट टेस्ट मैच खेला जा रहा था। टेस्ट मैच के चौथे दिन मैदानी अंपायर डेरेल हेयर ने पाकिस्तान टीम पर गेंद से छेड़खानी का आरोप लगाया, जिसके कारण अंपायरों ने इंग्लैंड को 5 अतिरिक्त रन दे दिए।

 

क्रिकेट इतिहास का एक मात्र फॉरफिटेड मैच इंग्लैंड-पाकिस्तान, 2006 © Getty Images
क्रिकेट इतिहास का एक मात्र फॉरफिटेड मैच इंग्लैंड-पाकिस्तान, 2006 © Getty Images

इस बात का पाकिस्तान टीम ने भारी विरोध किया और चायकाल के बाद मैदान पर आने से ही मना कर दिया। बाद में अंपायरों ने मैच को ‘फॉरफीटेड’ घोषित कर दिया और इंग्लैंड को विजेता करार दे दिया। यह विश्व क्रिकेट के इतिहास में एक मात्र फॉरफीटेड टेस्ट मैच है।

4. श्रीलंका क्रिकेट टीम पर हुआ आतंकवादी हमला: श्रीलंका क्रिकेट टीम ने फरवरी-मार्च 2009 में पाकिस्तान का दौरा किया। लेकिन शायद ही टीम के खिलाड़ियों को इस बात का भान था कि इस दौरे में वे मौत से बेहद करीब से रूबरू होने वाले हैं। 3 मार्च 2009 को जो हुआ वह विश्व क्रिकेट के इतिहास में काले अक्षरों से हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

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इस दिन सुबह-सुबह श्रीलंका क्रिकेट टीम अपने होटेल से गद्दाफी स्टेडियम बस में जा रही थी कि इसी बीच स्टेडियम के पास करीब 12 हथियार से लैस आतंकवादियों ने श्रीलंका टीम के खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। इस हमले में 6 श्रीलंकाई खिलाड़ियों को गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद कई सालों तक विदेशी टीमों के पाकिस्तान में दौरे को रद्द कर दिया गया। पाकिस्तान में हाल ही में करीब छह साल के बाद दौरा करने वाली पहली टीम जिम्बाब्वे बनी।

5. जब अफरीदी ने मुंह से काटी गेंद: समय-समय पर विवादों को हवा देने वाले पाकिस्तान टीम के शाहिद अफरीदी को 31 जनवरी 2010 को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए एक मैच में गेंद को मुंह से काटने का संगीन अपराध का दोषी पाया गया। इस संबंध में जब उन पर जांच बैठाई गई तो वे कैमरे में भी वह कृत्य करते पाए गए।

शाहिफ अफरीदी © Getty Images
शाहिफ अफरीदी © Getty Images

फलस्वरूप अफरीदी को दो टी20 मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। जब अंपायरों ने अफरीदी से अपने बचाव में बोलने को कहा तो उन्होंने ऊल-जुलूल जवाब देने लगे। उन्होंने कहा कि वह तो गेंद को सूंघ रहे थे। अफरीदी पाकिस्तान के विवादित खिलाड़ियों में से एक हैं।