एमएस धोनी और विराट कोहली की बदौलत भारतीय टीम ने तीसरे वनडे में जीत दर्ज की थी © Getty Images
एमएस धोनी और विराट कोहली की बदौलत भारतीय टीम ने तीसरे वनडे में जीत दर्ज की थी © Getty Images

महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली दोनों ही भारतीय टीम के स्तंभ हैं। दोनों ही खिलाड़ी भारत के लिए मैच जिताऊ और सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। एक भारतीय सीमित ओवर का कप्तान है तो एक भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान है। धोनी जहां मैदान पर आते हैं तो टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटते हैं तो दूसरी तरफ कोहली हैं जो मैदान पर आते ही हैं टीम को जिताने के लिए। दोनों ही खिलाड़ी टीम के लिए जीत की गारंटी हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि दोनों में से सबसे अच्छा फिनिशर कौन है?, किस खिलाड़ी ने भारत के लिए लक्ष्य का पीछा करते हुए ज्यादा अच्छी बल्लेबाजी की। तो आइए जानने की कोशिश करते हैं कि दोनों में से कौन है टीम का सबसे अच्छा फिनिशर।

महेंद्र सिंह धोनी:

महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था। पहले मैच में धोनी दुर्भाग्यवश शून्य पर रन आउट हो गए थे, हालांकि भारत ने उस मुकाबले को 11 रन से अपने नाम कर लिया था। बांग्लादेश के खिलाफ बाकी बचे मैचों में धोनी को ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। लेकिन साल 2005 में जब पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई तो पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में धोनी की काबिलियत सबके सामने आ गई। धोनी को कप्तान गांगूली ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा और धोनी ने मिले अवसर को जाया नहीं जाने दिया और 123 गेंदों में धमाकेदार 148 रनों की पारी खेल डाली, धोनी ने इस दौरान 15 चौके और चार छक्के जड़े।

यही वो मैच था जिसने धोनी को हीरो बना दिया और लोगों ने जाना कि धोनी कितने योग्य हैं। इसके बाद धोनी रुके नहीं और इस तरह की कई यादगार पारियां खेलीं। धोनी के करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो धोनी ने अपने वनडे करियर में 281 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 51 की शानदार औसत से 9058 रन बनाए हैं, इस दौरान धोनी का सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा और धोनी ने अपने करियर में 9 शतक, 61 अर्धशतक भी जड़े। ये आंकड़े बताते हैं कि धोनी भारत के कितने महान बल्लेबाज हैं और वह भारतीय टीम के लिए किस कदर जरूरी भी हैं। यह धोनी के वनडे अंतरराष्ट्रीय के आंकड़े हैं अब जरा आपको रूरू कराते हैं लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी के आंकड़ों पर। धोनी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए कुल 88 मैच खेले हैं इस दौरान धोनी ने 62 पारियों मं 101 की लाजवाब औसत और 90 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट की मदद से 2,428 रन बनाए हैं, इस दौरान धोनी ने 2 शतक और 16 अर्धशतक जड़े वहीं धोनी का सर्वोच्च स्कोर 183 पर नाबाद रहा और वह 38 बार नाबाद पवेलियन लौटे, मतलब लक्ष्य का पीछा करने के दौरान धोनी 62 पारियों में कुल 24 बार ही आउट हुए। लक्ष्य का पीछा करते समय धोनी का औसत और स्ट्राइक रेट दोनों में इजाफा हो जाता है और करियर के औसत-स्ट्राइक रेट से भी आगे निकल जाता है। साफ है धोनी भारत के बेहतरीन फिनिशर हैं और उनके आंकड़े इस बात के गवाह भी हैं। ये भी पढ़ें: नंबर चार पर रन बनाकर काफी खुश हूं: महेंद्र सिंह धोनी

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विराट कोहली:

विराट कोहली ने भारत के लिए पदार्पण 2008 में श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलकर किया था। कोहली ने अपने पहले मैच में ओपनिंग करते हुए 22 गेंदों में 12 रन बनाए थे और श्रीलंका ने उस मुकाबले को 8 विकेट से जीत लिया था। हालांकि अपनी पहली सीरीज में कोहली फ्लॉप रहे और सिर्फ एक ही मैच में अर्धशतक लगा सके। लेकिन इसके बाद कोहली सबकी निगाह में तब आए जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ ही शानदार 107 रनों की पारी खेली। उसके बाद तो कोहली रुके ही नहीं और मैच दर मैच अपने प्रदर्शन को निखारते चले गए। कोहली ने टीम में अपना रुतबा आज ऐसा बना लिया है कि उनके बिना टीम की कल्पना भी नहीं की जा सकती। विराट कोहली के करियर के आंकड़ों पर गौर करें तो कोहली ने अब तक 174 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 52 की औसत और 90 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 7460 रन बनाए हैं, इस दौरान कोहली ने 26 शतक और 37 अर्धशतक जड़े हैं वहीं कोहली का सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा है। साफ है कोहली के आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि वह कितने योग्य और महान खिलाड़ी हैं।

अब जरा कोहली लक्ष्य का पीछा करते हुए आंकड़ों पर नजर डालते हैं, लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने कुल 62 मैच खेले हैं, इस दौरान कोहली ने कुल 59 पारियों में बल्लेबाजी करने का मौका मिला, 59 पारियों में कोहली ने 90 की औसत और 97 के स्ट्राइक रेट के साथ 3514 रन बनाए हैं, कोहली ने इस दौरान 14 शतक और 15 अर्धशतक जड़े हैं कोहली का सर्वोच्च स्कोर भी लक्ष्य का पीछा करने के दौरान ही बना। कोहली इस दौरान 20 पारियों में नाबाद पवेलियन लौटे। कोहली का औसत और स्ट्राइक रेट भी उनके करियर के औसत और स्ट्राइक रेट से ज्यादा है।

साफ है लक्ष्य का पीछा करने के दौरान दोनों ही बल्लेबाज काफी खतरनाक हो जाते हैं, कोहली रन बनाने के माले में धोनी से आगे हैं लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि कोहली नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हैं और धोनी निचले क्रम में खेलते हैं। बाकी अगर औसत, स्ट्राइक रेट की बात करें तो धोनी कोहली से आगे हैं वहीं दोनों का सर्वोच्च स्कोर भी बराबर ही है। ऐसे में कौन खिलाड़ी ज्यादा अच्छा फिनिशर है कहना मुश्किल है। लेकिन इसका फैसला हम आप पर ही छोड़ते हैं।