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सेंचुरियन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने द.अफ्रीका की पहली पारी महज 286 रनों पर समेट दी। टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों के आगे अफ्रीकी बल्लेबाजों की एक नहीं चली। भुवनेश्वर कुमार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए, अश्विन को 2, पांड्या, शमी और बुमराह को 1-1 विकेट मिला।

द.अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और न्यूलैंड्स की पिच की नमी का फायदा भुवनेश्वर कुमार ने उठाया। मैच के पहले ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने डीन एल्गर जैसे बल्लेबाज को शून्य पर आउट कर तहलका मचा दिया। भुवी ने तीसरे ओवर में एडेन मार्कराम को बड़ी चालाकी से एलबीडल्यू आउट किया। हालांकि भुवी को सबसे बड़ी सफलता मिली पांचवें ओवर में, जब उन्होंने हाशिम आमला को अपने जाल में फंसाया। भुवी ने 3 ओवर में 3 विकेट लेकर केवल 12 के स्कोर पर दक्षिण अफ्रीका के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।

डीविलियर्स-डुप्लेसी ने संभाला
3 विकेट जल्दी खोने वाली द.अफ्रीकी टीम को डीविलियर्स और डुप्लेसी ने संभाला। डी विलियर्स और कप्तान फॉफ ड्यू प्लेसी की साझेदारी की मदद से मेजबान टीम ने लंच तक 3 विकेट खोकर 107 रन बनाए। डी विलियर्स 59 और ड्यू प्लेसी 37 रनों पर नाबाद रहे।

लंच के बाद डीविलियर्स-डुप्लेसी ढेर
लंच तक क्रीज पर डटे रहने वाले वाले अनुभवी खिलाड़ी ए बी डीविलियर्स और कप्तान डु प्लेसी ने आते ही अपनी शतकीय साझेदारी पूरी की, लेकिन इसके बाद 33वें ओवर में जसप्रीत बुमराह की जबर्दस्त गेंद ने ए बी डीविलियर्स को 65 रन पर बोल्ड कर दिया। ये बुमराह का टेस्ट में पहला विकेट था। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने कप्तान डु प्लेसी को 62 रन पर साहा के हाथों कैच करवा दिया, नतीजा द.अफ्रीका की आधी टीम 150 रनों से पहले ही आउट हो गई।

इसके बाद विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने भारतीय गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया। दूसरे छोर पर फिलेंडर ने डी कॉक का अच्छा साथ दिया, दोनों के बीच 60 रनों की बेशकीमती साझेदारी हुई। हालांकि इस साझेदारी को भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ दिया। डी कॉक के आउट होने के बाद भी फिलेंडर ने तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की लेकिन मोहम्मद शमी ने 51वें ओवर में फिलेंडर को 23 रन पर बोल्ड कर द.अफ्रीका का 7वां विकेट गिराया।

जसप्रीत बुमराह ने एबी डी विलियर्स को टेस्ट क्रिकेट का पहला शिकार बनाया
जसप्रीत बुमराह ने एबी डी विलियर्स को टेस्ट क्रिकेट का पहला शिकार बनाया

चाय के बाद द.अफ्रीका ऑल आउट
चाय के बाद केशव महाराज और कागिसो रबाडा ने अच्छी बल्लेबाजी की। दोनों के बीच 8वें विकेट के लिए 37 रनों की अहम साझेदारी हुई। हालांकि केशव महाराज की एक लापरवाही ने इस साझेदारी को तोड़ दिया। 63वें ओवर में केशव महाराज बेहद लापरवाही से अश्विन के थ्रो पर रन आउट हो गए। महाराज ने 35 रनों की पारी खेली। इसके बाद रबाडा ने लंबे-लंबे हिट लगाने की कोशिश की लेकिन अश्विन की फिरकी ने उन्हें 26 रनों पर पैवेलियन लौटा दिया। आखिर में अश्विन ने मॉर्कल को 2 रन पर आउट कर प्रोटियाज को 286 रनों पर समेट दिया।