भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले का बतौर कोच और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद जगजाहिर है. कुंबले का कहना है कि अपने कोचिंग कार्यकाल को लेकर उन्हें कोई पछतावा नहीं है लेकिन उनका कहना है कि इसका अंत बेहतर हो सकता था.

‘मैं सचमुच काफी खुश था’

भारतीय कप्तान विराट कोहली से मतभेद के बाद 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कुंबले इस पद से हट गए थे पूर्व स्पिनर ने ऑनलाइन सत्र में जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर पॉमी मबांग्वा से कहा, ‘हमने उस एक साल के समय में काफी अच्छा किया था. मैं सचमुच काफी खुश था कि इसमें कुछ योगदान किए गए थे और इसमें कोई पछतावा नहीं है. मैं वहां से भी आगे बढ़कर खुश था.

उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि अंत बेहतर हो सकता था लेकिन फिर भी ठीक है. कोच के तौर पर आप महसूस करते हो कि आगे बढ़ने का समय कब है, कोच ही होता है जिसे आगे बढ़ने की जरूरत होती है. मैं सचमुच काफी खुश था, मैंने उस एक साल में काफी अहम भूमिका निभाई थी.’

2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी टीम इंडिया

कुंबले का बतौर कोच एक साल काफी सफल रहा था जिसमें टीम 2017 मेंचैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी और साथ ही टेस्ट टीम के तौर पर भी काफी मजबूत हुई थी, जिसने उनके कार्यकाल के दौरान 17 में से केवल एक ही टेस्ट गंवाया था.

बकौल कुंबले, ‘मैं बहुत खुश था कि मैंने भारतीय कोच की भूमिका को लिया था. मैंने भारतीय टीम के साथ जो एक साल बिताया था, वह सचमुच शानदार था. ’

 

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भारत के लिए 132 टेस्ट में 619 विकेट और 271 वनडे में 337 विकेट लेने वाले कुंबले ने कहा, ‘बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ और भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनना एक शानदार अहसास है.’ कुंबले इस समय इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच हैं.