भारतीय टीम © PTI
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बीसीसीआई ने मीडिया रिलीज के साथ घोषणा की है कि भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जानी वाली आगामी टेस्ट सीरीज में डीआरएस का संपूर्ण वर्जन इस्तेमाल किया जाएगा। इस सीरीज में डीआरएस ट्रायल आधार पर इस्तेमाल किया जाएगा ताकि इस सिस्टम की प्रगति को मूल्यांकित किया जा सके। हाल ही में भारत- न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में अंपायरों के गलत निर्णयों को लेकर काफी सवाल उठे थे। चूंकि, आईसीसी ने पहले से ही बीसीसीआई के समक्ष डीआरएस को लागू करने की बात रखी थी और अंततः बीसीसीआई ने इस सिस्टम को लागू करने का निर्णय लिया है।

इसके पहले भारत लंबे समय से लगातार डीआरएस को लागू करने को लेकर अपनी असहमति जता रहा था। भारत ने घरेलू और बाहर की सीरीजों के लिए कभी भी डीआरएस के लिए हामी नहीं भरी थी। साल 2008 के बाद पहली बार भारत डीआरएस सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज में डीआरएस सिस्टम के सभी तत्वों को शामिल किया जाएगा।

डीआरएस के बारे में बातचीत करते हुए, बीसीसीआई प्रेजीडेंट, अगुराग ठाकुर ने कहा, “हम इस बात से खुश हैं कि हॉकआई में वे सभी बदलाव किए गए जिसकी सलाह बीसीसीआई ने दी थी। और हम पुष्टि करते हैं कि डीआरएस के इस संशोधित संस्करण का इस्तेमाल इंग्लैंड के खिलाफ खेली जानी वाली आगामी सीरीज के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सिस्टम के प्रदर्शन और फीडबैक जो हम प्राप्त करेंगे उसके आधार पर, आगामी सीरीजों का कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। हमने स्पोर्ट में तकनीकी की दखल को स्वीकारा है, और बीसीसीआई आने वाले दिनों में भी ऐसे कदम उठाती रहेगी और मैच देखने वालों के अनुभवों को और अच्छा करने की कोशिश करेगी।”