England vs India, 5th Test: भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पांचवां और निर्णायक टेस्ट रद्द होने के बाद फैंस को खासा निराशा हाथ लगी है. भारतीय खेमे से लगातार बढ़ते कोरोना मामलों की वजह से टॉस से कुछ घंटे पहले मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया. भले ही बीसीसीआई स्पष्ट कर चुका है कि वह इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर इस मुकाबले के लिए विंडो की तलाश कर रहा है, लेकिन अब ये मैच कब होगा, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है.

निर्णायक टेस्ट रद्द होने से लंकाशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के सीईओ डेनियल गिडनी (Daniel Gidney) भी खासा निराश हैं. गिडनी के मुताबिक सीरीज के अंतिम मुकाबले को रद्द करने से वित्तीय प्रभाव पड़ेगा और ये प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करेगा. मुकाबले का स्थगन निश्चित रूप से इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के लिए महंगा साबित होगा, जो पुरुषों के टेस्ट मैचों से अपना अधिकांश राजस्व प्राप्त करता है.

गिडनी ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, “निश्चित रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव हैं. हमारे पास प्रतिष्ठा के मुद्दे भी हैं, मेरा मतलब है कि ओल्ड ट्रैफर्ड का टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी का 100 साल से अधिक पुराना इतिहास रहा है. हम पूरी तरह से निराश और तबाह हो गए हैं.” गिडनी ने आगे स्वीकार किया कि स्थिति उनके नियंत्रण में नहीं थी और उन्होंने टिकट धारकों को पूर्ण वापसी का वादा किया है.

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा, “बीसीसीआई और ईसीबी के बीच मजबूत संबंधों को देखते हुए बीसीसीआई ने ईसीबी को रद्द किए गए टेस्ट मैच को फिर से आयोजित करने की पेशकश की है. दोनों बोर्ड इस टेस्ट मैच को फिर से आयोजित करने की दिशा में काम करेंगे.”

शाह ने कहा, ‘‘बीसीसीआई और ईसीबी ने टेस्ट मैच के आयोजन का रास्ता तलाशने के लिए कई दौर की बातचीत की, लेकिन भारतीय दल में कोविड-19 के मामले पाये जाने के कारण ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट मैच को रद्द करने का निर्णय किया गया. बीसीसीआई हमेशा से कहता रहा है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा.’’

सचिव ने इन मुश्किल परिस्थितियों को समझने के लिए ईसीबी का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई इस मुश्किल समय में सहयोग और समझ के लिये ईसीबी का आभार व्यक्त करता है. हम प्रशंसकों से इस रोमांचक श्रृंखला को पूरी नहीं कर पाने के लिये माफी मांगते हैं.’’