POK Kashmir Premier League: पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर में क्रिकेट लीग कराने के पड़ोसी देश के फैसले के बाद बीसीसीआई के सख्‍त रवैये को देखते हुए विदेशी खिलाड़ी असमंजस में हैं. POK की कश्‍मीर प्रीमियर लीग (KPL) में मौका मिलने के बावजूद नहीं खेल पाने से इंग्‍लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर (Monty Panesar) खासे निराश हैं. उन्‍होंने उम्‍मीद जताई की बीसीसीआई KPL में नहीं खेलने की भरपाई उन्‍हें भारत में काम देकर करेगा.

रिपब्‍लिक वर्ल्‍ड से बातचीत के दौरान मोंटी पनेसर (Monty Panesar) ने कहा, “मुझे POK की कश्‍मीर प्रीमियर लीग में खेलने का मौका मिला है. मैं उम्‍मीद कर रहा था कि मुझे एक बार फिर खेलने का मौका मिलेगा. मुझे सलाह दी जा रही है कि मैं KPL में खेलने से परहेज बनाए रखूं अन्‍यथा मुझे इसके परिणाम भुगतने होंगे. क्‍योंकि मैं सपोर्ट्स मीडिया के क्षेत्र में अपनी पारी की शुरुआत करने जा रहा हूं लिहाजा मैं भारत में आकर काम करना चाहता हूं.”

मोंटी पनेसर (Monty Panesar) ने कहा, “हर खिलाड़ी POK की कश्‍मीर प्रीमियर लीग में मिलने वाले मौके को भुनाना चाहता है. मैं आशा करता हूं कि अगर हम केपीएल में नहीं खेल पाते हैं तो भारत हमें अपने यहां मौके देगा. हम भारत में काम करना चाहते हैं. हम भारत में कमेंट्री से लेकर कोचिंग के क्षेत्र में मौके पाने चाहते हैं.”

यह मामला उस वक्‍त सामने आया जब साउथ अफ्रीका के क्रिकेटर हर्षल गिब्‍स ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से बताया कि बीसीसीआई उन्‍हें केपीएल में नहीं खेलने के लिए धमका रहा है. ऐसा करने पर भारत में क्रिकेट संबंधित गतिविधियों से हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा. बाद में बीसीसीआई के सूत्रों ने भी यह साफ कर दिया कि कश्‍मीर के मुद्दे पर वो भारत सरकार की लाइन पर ही चलते हुए काम करेंगे.