भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने हाल ही में संपन्न हुए टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2021) में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया करार दी है. गांगुली ने कहा कि मैं बीते 4 से 5 साल में टीम इंडिया का इससे खराब प्रदर्शन नहीं देखा. उन्होंने साफ कहा कि भारतीय टीम यहां दबाव में दिखी और जो अपनी क्षमता का सिर्फ 15 फीसदी ही खेल दिखा पाई.

टीम इंडिया इस बार UAE में खेले गए वर्ल्ड कप के अपने पहले ही दौर में बाहर हो गई. वह इस टूर्नामेंट में खेल की प्रबल दावेदार थी लेकिन सुपर 12 ग्रुप स्टेज में वह पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले दो मैच हारकर टूर्नामेंट के शुरुआती दौर से ही बाहर हो गई. साल 2012 के बाद यह पहला मौका था, जब टीम इंडिया वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में नॉकआउट स्टेज में पहुंचने से पहले ही बाहर हो गई.

विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी वाली टीम से जानकारों को बहुत उम्मीदें थीं. लेकिन जब टीम टूर्नामेंट में औंधे मुंह गिर गई तो उसे काफी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है. गांगुली ने भी टीम के इस प्रदर्शन को ‘सबसे खराब’ करार देने से गुरेज नहीं किया.

गांगुली प्रसिद्ध खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार के खास शो ‘बैकस्टेज विद बोरिया’ में हिस्सा लेने आए थे. यहां उनसे सवाल किया गया. आखिर क्या कारण है कि भारत द्विपक्षीय सीरीज में इतना शानदार खेल दिखाते आ रहा है इसके बावजूद वह टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले ही बाहर हो गया.

सौरव गांगुली ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो, 2017 और 2019 में भारतीय टीम शानदार थी. 2017 चैंपियन्स ट्रॉफी में हम ओवल के मैदान पर पाकिस्तान से हारे, तब मैं कॉमेंटेटर था. और इसके बाद 2019 में इंग्लैंड में ही हुए वर्ल्ड कप में हम पूरे टूर्नामेंट के दौरान असाधारण रहे. हम सभी को हराते आए और फिर सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गए. एक खराब दिन पूरे दो महीने की शानदार मेहनत पर पानी फेर देता है.’

इसके बाद गांगुली ने इस वर्ल्ड कप पर बात करते हुए कहा, ‘हम इस वर्ल्ड कप में जिस ढंग से खेले उससे मैं थोड़ा निराश हूं. मैं समझता हूं कि बीते 4 या 5 साल में भारतीय टीम का सबसे खराब परफॉर्मेंस हमने देखा है.’

हालांकि इस 49 वर्षीय पूर्व कप्तान ने टूर्नामेंट में भारत के खराब प्रदर्शन पर किसी एक चीज पर ही उंगली नहीं उठाई लेकिन यह कहा कि कभी-कभी टीमें बड़े टूर्नामेंट में मौके पर क्लिक नहीं कर पाती हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे तो ऐसा लगा जैसे हमारी टीम अपनी क्षमता का 15 प्रतिशत ही खेल पाई.

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता इसके पीछे क्या कारण था लेकिन मैंने बस यही महसूस किया कि टीम पूरी आजादी के साथ नहीं खेली. कभी-कभी बड़े टूर्नामेंट में ऐसा होता है, आप रुक जाते हैं और जब मैंने उन्हें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते देखा तो यह टीम अपनी क्षमता का 15 प्रतिशत ही खेलती दिखी.’