महिला वनडे क्रिकेट में 250 विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने वालीं झूलन गोस्वामी (Jhulan Goswami) ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इस मुकाम को हासिल करने के बारे में सोचा नहीं था. बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ बे ओवल मैदान पर महिला वर्ल्ड कप में टैमी ब्यूमोंट को आउट कर झूलन ने यह उपलब्धि अपने नाम की. इस तेज गेंदबाज ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड कप के इतिहास में अग्रणी विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई थीं.

इस उपलब्धि से खुश झूलन गोस्वामी (Jhulan Goswami) ने कहा कि वह केवल मैदान पर प्रदर्शन करना चाहती थीं और वनडे क्रिकेट में व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में ज्यादा नहीं सोचतीं. गोस्वामी ने बताया, ‘मुझे खुशी है कि मैं 250 विकेट लेने में सक्षम थी, लेकिन अपने जीवन में कभी इसके बारे में नहीं सोचा था. दूसरी बात, अगर हम यह मैच जीत जाते तो मुझे खुशी होती.’

झूलन ने टिप्पणी की, ‘जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मैंने इसके बारे में (250 वनडे विकेटों के बारे में) कभी नहीं सोचा था. बस मैं खेलना चाहती थी और हर समय खुद को व्यक्त करना चाहती थी और इससे अधिक योगदान देने की कोशिश रहती थी. लेकिन कभी-कभी चीजें मेरे अनुसार नहीं चलती हैं, जिस तरह से आप देना चाहते हैं. यह एक कभी न खत्म होने वाली सीखने की प्रक्रिया है, क्योंकि हमेशा सीखने की कोशिश करते हैं.’

एक ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुंचने के बारे में अपनी भावनाओं पर आगे बोलते हुए गोस्वामी ने भारत की जीत में योगदान देने की अपनी इच्छा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्राथमिकता के रूप में रखा और चल रहे विश्व कप के बाद आगे खेलने को लेकर बातचीत को खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अच्छा महसूस कर रही हूं. 250 विकेट लेना बड़ी बात है. लेकिन, इसके बारे में कभी नहीं सोचा. एक क्रिकेटर के रूप में, आप उन चीजों के लिए योजना नहीं बना सकते. यह सिर्फ इतना है कि अगर आप 20 साल तक खेल रहे हैं, तो यह अच्छा है कि आप कुछ व्यक्तिगत मुकाम हासिल करें.’

झूलन ने आगे बताया, ‘मैं संन्यास और इन सभी चीजों के बारे में नहीं सोचती. फिलहाल, हम सिर्फ इस विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां इस समय महत्वपूर्ण खेल चल रहा है. टीम के एक वरिष्ठ सदस्य के रूप में, मैं अपनी टीम के लिए योगदान करने की कोशिश करती हूं. मैं जितना कर सकती हूं.’

(इनपुट: आईएएनएस)