इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तान (Pakistan Tour of England) की टीम वनडे सीरीज में 3-0 से हार गई. इंग्लैंड की यह टीम बिल्कुल नई थी और बेन स्टोक्स के अलावा उसके पास कोई अनुभवी खिलाड़ी नहीं था. इसे ‘कामचलाऊ’ टीम माना जा रहा था. लेकिन उसने पाकिस्तान को 3 मैचों की वनडे सीरीज (ENG vs PAK ODI Series) में न सिर्फ मात दी बल्कि उसका सफाया ही कर दुनिया भर के क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक (Inzamam Ul Haq) ने कहा कि यह इंग्लैंड की अकैडमी टीम थी और उसके सामने क्लीन स्वीप हो जाना शर्मनाक है.

दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई मुख्य टीम को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) उस वक्त हटाना पड़ा था, जब टीम में कोविड – 19 के कुछ मामले सामने आने लगे थे. ईसीबी पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ को क्वॉरंटीन में जाने का निर्देश दिया था. इसके बाद पाकिस्तान से सीरीज के लिए उसने बेन स्टोक्स के नेतृत्व में युवा खिलाड़ियों से भरी नई टीम मैदान में उतारी.

पूर्व कप्तान इंजमाम (Inzamam Ul Haq) अपने यूट्यूब चैनल ‘द मैच विनर’ (The Match Winner) में पाकिस्तान के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा हैरानी की बात है कि यह इंग्लैंड की प्रमुख टीम नहीं थी और इस टीम में जो खिलाड़ी खेले वे टॉप 20 खिलाड़ियों से बाद के थे और उन्होंने पाकिस्तान का 3-0 से सफाया कर दिया. सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे मैच में पाकिस्तान ने 332 रनों का चुनौतीपूर्ण टारगेट रखा था. लेकिन इंग्लैंड ने 2 ओवर रहते इस टारगेट को भी 3 विकेट से अपने नाम कर लिया.

51 वर्षीय इंजमाम (Inzamam Ul Haq) ने कहा, ‘331 रन बचाने के लिए थोड़े नहीं होते लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाज वह भी नहीं बचा पाए. हैरान हूं कि टीम के बॉलिंग कोच के रूप में वकार यूनिस (Waqar Younis) जैसे दुनिया के शानदार पूर्व गेंदबाज मौजूद हैं लेकिन फिर भी वह टीम की बॉलिंग को बेहतर क्यों नहीं बना पा रहे हैं इससे हैरान हूं.’

उन्होंने टीम के लेफ्टआर्म तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी (Shaheen Shah Afridi) की भी आलोचना की. इंजमाम (Inzamam Ul Haq) ने कहा, ‘इस युवा तेज गेंदबाज में पाकिस्तान के लिए लंबे समय तक खेलने की क्षमता दिखती है. लेकिन अगर वह अपनी बॉलिंग में विविधताएं नहीं लाएंगे तो बल्लेबाजों के लिए उन्हें मारना आसान रहेगा. अगर 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉलिंग करने वाले गेंदबाज के खिलाफ अकैडमी स्तर के बल्लेबाज इस तरह बैटिंग करते हैं तो हमें मान लेना चाहिए कि हमारी बॉलिंग में कमी है.’