England vs West Indies 2020 Manchester Test: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले (Anil Kumble) की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गेंद को चमकाने के लिए लार (Saliva) के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी जिसे लागू कर दिया गया है. आईसीसी (ICC) के नए नियमों के तहत इस समय इंग्लैंड में टेस्ट मैचों का आयोजन जैव सुरक्षित माहौल हो रहा है जिसमें गेंद को चमकाने के लिए सिर्फ पसीने का इस्तेमाल किया जा सकता है.

बॉल करना पड़ा डिसइंफेक्ट

इंग्लैंड के डोम सिब्ले (Dom Sibley) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन रविवार को गलती से गेंद पर लार का इस्तेमाल कर दिया जिसके बाद फील्डर अंपायर को आईसीसी के नए दिशा-निर्देशों के तहत उसे डिसइंफेक्टेड (कीटाणुरहित) करना पड़ा.

आईसीसी के कोविड-19 दिशानिर्देशों के तहत यह पहला मौका है जब किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान अंपायरों ने गेंद को सैनिटाइज करने के लिए हस्तक्षेप किया.

42वें ओवर में अंपायर माइकल गफ को बॉल को सैनिटाइज करते हुए देखा गया 

ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर यह घटना लंच से ठीक पहले घटी. वेस्टइंडीज की पारी के 42वें ओवर में अंपायर माइकल गफ को कीटाणुरहित करने के लिए गेंद के दोनों तरफ एक टिश्यू पेपर रगड़ते हुए देखा गया था. सिब्लेने जैसे ही गेंद पर लार का इस्तेमाल किया तभी इंग्लैंड की टीम ने इस बारे में खुद ही अंपायरों को बताया.

नए नियमों के अनुसार अनजाने में लार के इस्तेमाल पर गेंदबाजी करने वाली टीम को चेतावनी दी जाएगी. टीम को दो चेतावनियों के बाद पांच रन का दंड दिया जाएगा.