साल 2011 विश्व कप अभियान के दौरान टीम इंडिया के मेंटल कंडीशनिंग कोच रहे पैडी अप्टन ने इस खिताबी जीत की दसवीं सालगिरह पर फाइनल मैच में 97 रनों की मैचविनिंग पारी खेलने वाले गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के योगदान की सराहना की है। अप्टन का कहना है कि गंभीर वो कड़ी थे जिसने उस महान भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम को जोड़े रखा था।

क्रिकेट डॉट कॉम से बातचीत में अप्टन ने कहा, “सहवाग और तेंदुलकर के ड्रेसिंग रूम में वापस आने के बाज अतिरिक्त दबाव और निराशा थी। लेकिन वास्तव में, क्रीज पर दबाव झेलने वाले आपके दो सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थी- उनमें से एक थे गौतम गंभीर। गैरी कर्स्टन उसे चट्टान कहते थे। उन्होंने अपने करियर का ज्यादातर समय सहवाग साथी के तौर पर बिताया।”

उन्होंने कहा, “सहवाग वो खिलाड़ी था जो विस्फोटक पारी खेलता था, हाईलाइट पैकेज में आता था और दर्शकों का मनोरंजन करता था। गंभीर केवल गेंद को बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में स्क्वायर ड्राइव के लिए खेलता था। वो दर्शकों का उत्साह नहीं बढ़ाता था और वो हाईलाइट पैकेज का हिस्सा नहीं होता था, लेकिन गंभीर वो कड़ी था जो बल्लेबाजी क्रम को जोड़े रखता था।”

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर ने कहा, “हालांकि उन्होंने उस समय तक सात मैचों में प्रदर्शन नहीं किया था लेकिन जहां दूसरी पारी की बात आती है वहां एमएस धोनी उस समय और शायद अभी भी दुनिया में सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं। इसलिए वास्तव में हमारे पास हमारे दो सबड़े हथियार थे।”

गंभीर ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में 97 रनों की पारी खेली थी। वहीं कप्तान धोनी ने नाबाद 91 रन बनाए थे। जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वनडे विश्व कप जीता था।