आईपीएल में मंगलवार को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अग्नि परीक्षा का दिन है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में यह टीम फाइनल तक तो पहुंच गई है, लेकिन यहां उसे अपना पहला खिताब जीतने का सपना सच करने के लिए डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI)को हराना होगा.

दिल्ली की टीम इस सीजन मुंबई से 3 बार भिड़ चुकी है और तीनों बार उसे खिताब की सबसे बड़ी दावेदार इस टीम से हार का सामना करना पड़ा है. मुंबई की टीम इस टूर्नामेंट में बेहद मजबूत टीम है और इस सीजन वह बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के क्षेत्र कहीं से भी कमजोर नहीं दिख रही है. उसके जिस भी खिलाड़ी को मौका मिला है वह स्टार बनकर ही निखरा है.

लेकिन अगर दिल्ली की टीम इन 5 खिलाड़ियों की काट ढूंढ ले तो फिर उसका पहली बार चैंपियन बनने का सपना पूरा हो सकता है. देखें कौन हैं यह 5 खिलाड़ी, जिन पर दिल्ली को कसना है अपना शिकंजा..

जमकर बरस रहे हैं क्विंटन डीकॉक

साउथ अफ्रीका का यह विकेटकीपर बल्लेबाज शुरुआत से ही विरोधी टीम पर दबाव बनाने में माहिर है. डिकॉक पावरप्ले में ही विरोधी टीम की जमकर खबर लेते हैं और फिर अपनी पारी को बड़े-बड़े स्कोर में तब्दील कर देते हैं. इस सीजन अब तक वह 4 फिफ्टी की मदद से 15 मैचों में 483* रन बना चुके हैं. मुंबई के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में वह संयुक्त रूप से पहले पायदान पर हैं.

किसी भी स्थान पर बैटिंग के लिए तैयार हैं ईशान किशन

22 वर्षीय ईशान किशन इस सीजन बेहतरीन तैयारी कर के यूएई आए हैं. वह टीम के लिए किसी भी स्थान पर खेलने को तैयार है. इस सीजन उन्होंने ओपनिंग से लेकर नंबर 4 की पॉजिशन तक खुद को साबित किया है. किशन ने 13 मैच की 12 पारियां खेलकर मुंबई के लिए सर्वाधिक 483* (संयुक्त रूप से नंबर 1) रन बनाए हैं. उनके बल्ले से भी फिफ्टी निकली हैं.

तोड़नी होगी सूर्यकुमार यादव की भी लय

30 वर्षीय यह खिलाड़ी मुंबई के लिए जबरदस्त परिपक्वता दर्शा रहा है. अगर मुंबई शुरुआत में ही अपना विकेट गंवा देती है तो सूर्यकुमार अपनी सूझबूझ से उस पर दबाव नहीं बनने देते हैं. इस सीजन 14 पारियों में वह भी 4 फिफ्टी ठोककर 461* रन बना चुके हैं. उन्होंने कई मुश्किल मैचों में मुंबई को अपना सहारा दिया है. फाइनल में भी वह ऐसे ही प्रदर्शन के लिए बेकरार होंगे.

जसप्रीत बुमराह हो करना होगा गुमराह

वैसे तो इस तेज गेंदबाज की बॉलिंग की काट दुनिया भर के बल्लेबाजों को नहीं मिल रही है. वह किसी भी फॉर्मेट में सबसे खतरनाक गेंदबाज हैं. इस सीजन आईपीएल में भी वह 14 मैच खेलकर 27* विकेट अपने नाम कर चुके हैं. पर्पल कैप की फेहरिस्त में वह दूसरे नंबर पर हैं. पिछले मैच में (क्वालीफायर 1) में उन्होंने दिल्ली के ही खिलाफ 14 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए थे. लेकिन दिल्ली को खिताब का अपना सपना पूरा करना है तो बुमराह को गुमराह करने की योजना हर हाल में ढूंढनी होगी.

ट्रेंट बोल्ट पर भी बोलना होगा धावा

अब तक तो ट्रेंट बोल्ट और बुमराह की जोड़ी ही विरोधी टीमों पर धावा बोलकर उनकी बैटिंग को खोखला करने का काम बखूबी कर रही है. बुमराह के बाद बोल्ट ने ही मुंबई के लिए सर्वाधिक 22* विकेट अपने नाम किए हैं. यह गेंदबाज विरोधी टीम पर दोहरी मार करने में सक्षम है. पहले वह पावरप्ले में टीम को विकेट लेकर देते हैं और फिर स्लॉग ओवर में विकेट निकालते हैं, जिससे विरोधी टीम को मुंबई को हराने वाला स्कोर बनाने का मौका न नहीं मिलता. लेकिन दिल्ली को खिताब जीतने के लिए मुंबई के इन सभी पॉजिटिव समीकरणों को तोड़ना होगा.

वैसे तो मुंबई के पास कुछ और भी ऐसे खिलाड़ी हैं, जो लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं. इस फेहरिस्त में हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, कीरोन पोलार्ड, राहुल चाहर का नाम भी शामिल है और उसके कप्तान रोहित शर्मा को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. भले ही रोहित का बल्ला इस सीजन खामोश रहा हो लेकिन उन्हें बड़े मैचों का ही खिलाड़ी माना जाता है. ऐसे अगर दिल्ली उनके 5 इनफॉर्म खिलाड़ियों को राह से भटका देती है, तो वह अपना मुकाम हासिल करने की राह तैयार कर सकती है.